एक तरफ जहां देश विश्व कप की खुमारी में डूबा है। दूसरी और सोशल मीडिया पर लोग महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास को लेकर चरस बाेए पड़े हैं। एबीपी न्यूज के रिपोर्टर से बात करते हुए धोनी ने अपने रिटायरमेंट को लेकर कहा था कि, उन्हें खुद मालूम नहीं है कि वह कब संन्यास लेंगे। इंग्लैंड में खेला जा रहा विश्व कप उनका आखिरी विश्व कप हो सकता है और शायद नीली जर्सी में भी वह इसके बाद नहीं दिखे। इसका संकेत खुद धोनी ने ही दिया है। धोनी उन सभी लोगों के प्रति अपना आभार जता रहे हैं जिन्होंने शुरुआती और मुश्किल दौर में उनका साथ दिया है।
B'Day Spcl: धोनी ने अपने बल्ले से दिया संन्यास का संकेत, विश्व कप में चुका रहे सारे एहसान
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पिछले कुछ मैचों से धोनी अलग-अलग बैट के साथ खेलते नजर आ रहे हैं, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि उनके बैट पर लगे स्टिकर भी अलग-अलग कंपनियों के हैं। धोनी के बल्ले पर अलग-अलग कंपनियों के स्टीकर लगे नजर आ रहे हैं। माही कभी एसजी तो कभी बीएएस स्टिकर लगे बल्ले के साथ मैदान पर उतरते हैं। एक बार तो सनराइज्स का स्टिकर भी उनके बल्ले पर लगा था।
धोनी अपने करियर के शुरुआती दिनों में एसजी के बल्ले से खेला करते थे और वैम्पायर (बीएएस) ब्रांड के साथ उनका नाता बहुत पहले का, मतलब टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने से पहले का। इसकी कहानी एम एस धोनी पर बनी फिल्म में दिखाई गई है। आईसीसी ने भी ट्वीट कर कहा कि 'ये विकेटकीपर बल्लेबाज मौजूदा विश्व कप में अलग-अलग बल्लों का प्रयोग उन ब्रांडों के प्रति धन्यवाद प्रकट करने के लिए कर रहा है जिन्होंने उन्हें अपने करियर में मदद की है।'
We have had quite a few questions about MS Dhoni's different bats at #CWC19
— Cricket World Cup (@cricketworldcup) July 6, 2019
Here's the answer: the 🇮🇳 wicket-keeper is using them to pay tribute to the brands that have helped him throughout his career! pic.twitter.com/7y2h00CXxe
सबसे बड़ी बात ये की धोनी इसके लिए को फीस नहीं ले रहे हैं। मुंबई मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनके करीबी दोस्त और प्रबंधक, अरुण पांडे ने पुष्टि की है कि यह धोनी का एक तरीका है कि वह अपने करियर के शुरुआती दौर में उनका समर्थन करने के वाले बल्ले निर्माताओं को शुक्रिया अदा कर सके।
पांडे ने बताया कि 'यह सच है कि धोनी अलग-अलग ब्रांड वाले बल्लों के साथ इस विश्व कप में खेल रहे हैं, लेकिन वो उनसे इसकी कीमत नहीं ले रहे हैं। वह अपने करियर के दौरान सभी के द्वारा की गई मदद के लिए धन्यवाद कहना चाहते हैं। सामान्य तौर पर लिस्ट ए के क्रिकेटर अपने बैट पर स्टिकर लगाने के लिए साल भर का करोड़ों रुपए लेते हैं।