भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पांचवा और आखिरी मैच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। वरदा तूफ़ान से उबरकर भारत-इंग्लैंड टेस्ट मैच की मेज़बानी की तैयारी में जुटा चेन्नई अपनी तरफ़ से कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
चैन्नई में तूफान के बाद, पिच सूखाने के लिए आजमाए जा रहे हैं देसी जुगाड़
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चेपॉक स्टेडियम
- फोटो : BBC
चेपॉक मैदान की पिच सुखाने की तस्वीर शायद आपने भी देखी होगी, जिसमें देसी जुगाड़ नज़र आ रहा है। इसमें गर्म कोयले के अलाव से पिच की नमी दूर करने की कोशिश हो रही है। मशीनों के दौर में ये तरीका कुछ पुरातन लगे, लेकिन असरदार है। इसके लिए कई तरीक़े इस्तेमाल किए जाते हैं:
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गर्म कोयले से तापी जाती पिच
पिच ज़्यादा गीली हो या उस पर नमी हो, कोयले का अलाव ख़ासा काम आता है। भारतीय उपमहाद्वीप में ये तरीका काफ़ी इस्तेमाल होता है। इसमें तसले में गर्म कोयले डालकर पिच पर रखे जाते हैं या फिर उन्हें जालीनुमा होल्डर में रखकर पिच पर सेट कर दिया जाता है। पिच का ख़ास हिस्सा सूखने के बाद अलाव को दूसरे हिस्सों पर रखा जाता है।
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आग लगाओ, पिच सुखाओ
सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन पिच को सुखाने के लिए उसके गीले हिस्सों या पिच के आसपास आग लगाने का तरीक़ा भी इस्तेमाल होता है। भारत के अलावा वेस्टइंडीज़ में आग से पिच सुखाने का जुगाड़ कई बार किया जा चुका है। ज़रूरत के मुताबिक़ पिच सूख जाने पर आग बुझा दी जाती है, ताकि वो ज़्यादा कठोर ना हो।
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कपड़े वाली इस्त्री का जलवा
ये जानकर आप हैरान रह जाएंगे कि कपड़े प्रेस करने वाली आपकी इस्त्री क्रिकेट पिच सुखाने के भी काम आ सकती है। तूफ़ान से जूझ रहे चेन्नई में बारिश अक्सर ख़लल डालती रही है, ऐसे में साल 2005 में इसी मैदान की पिच इस्त्री या प्रेस से सुखाई गई थी। ये तरीक़ अब भले कम दिखे, लेकिन किसी वक़्त काफ़ी चलता था।