टीम इंडिया ने आखिरी बार 2007 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी। इसके बाद 2011 और 2014 में उसे करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। कोहली की सेना इस समय टेस्ट टीम रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज है और वह एजबेस्टन में बुधवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट में इंग्लैंड को चारों खाने चित करने के इरादे से मैदान संभालेगी। टीम इंडिया का इरादा जीत के साथ इंग्लैंड के 1000वें टेस्ट का जश्न बिगाड़ने का होगा।
पूर्व स्टाइलिश बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने हालांकि टीम इंडिया को चेतावनी दी है कि अगर उसने पहले टेस्ट में अपनी अंतिम एकादश में बड़ा बदलाव किया तो परेशानी होगी। एक अंग्रेजी अखबार के लिए लिखे अपने कॉलम में लक्ष्मण ने बताया, 'विराट कोहली का मानना है कि उनके पास इंग्लैंड को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में मात देने के लिए उम्दा संसाधन हैं। मेरा भी यही मानना है। टीम इंडिया की बल्लेबाजी में गहराई है और लगभग सभी को इंग्लैंड में खेलने का अनुभव हासिल है। यह टीम के लिए फायदेमंद है।'
उन्होंने आगे लिखा, '2014 में अधिकांश बल्लेबाजों का इंग्लैंड में पहला दौरा था। वहां पहले खेलने का अनुभव इस बार उनके काम आएगा। बल्लेबाजों के लिए जरूरी होगा कि वह परिस्थिति को जानकर पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने की कोशिश करें क्योंकि विदेशों में पहली पारी में विशाल स्कोर से जीत की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।'
टीम इंडिया के ओपनर शिखर धवन पांच मैचों की सीरीज से पहले संघर्ष करते दिखे। मगर लक्ष्मण का मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन को उन्हें पहले टेस्ट में बाहर नहीं करना चाहिए। टीम इंडिया के लिए 134 टेस्ट खेलने वाले लक्ष्मण ने कहा, 'पहले टेस्ट में शिखर धवन को बरकरार रखना चाहिए। वह सीमित ओवर क्रिकेट में काफी अच्छी लय में दिखे और अफगानिस्तान के खिलाफ पहले ही सेशन में उन्होंने शतक जमाया था। उन्हें खुलकर खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि वह बेहद खतरनाक बल्लेबाज हैं। इंग्लैंड के दो सबसे घातक तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के लिए धवन बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।'
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भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : BCCI
इसके अलावा लक्ष्मण ने भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम इंडिया के गेंदबाजी क्रम को मजबूत करार दिया है। उन्होंने अपने कॉलम में लिखा, 'भारतीय टीम की गेंदबाजी में विविधता और गहराई है। भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह ही पहले टेस्ट में कमी जरूर खलेगी, लेकिन टीम के पास कई गुणी गेंदबाज हैं, ऐसे में टीम प्रबंधन का कार्य गेंदबाजी इकाई चुनने में आसान हो गया है।'