टीम इंडिया ने सोमवार को सिडनी टेस्ट ड्रॉ होने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में टेस्ट सीरीज में मात दी। विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की। टीम इंडिया ने 71 साल के बाद ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीती।
यही नहीं, भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाली एशिया की भी पहली टीम बनी। विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले भारत के पहले कप्तान बने। ऐतिहासिक सीरीज जीत की खुशी कप्तान कोहली के चेहरे पर साफ दिखी, जानिए उन्होंने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में क्या-क्या कहा:
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा- 'सबसे पहले कहना चाहता हूं कि इस टीम का हिस्सा बनने पर सबसे ज्यादा गर्व है। हमारी टीम में बदलाव की प्रक्रिया इसी मैदान से शुरू हुई। मैंने कप्तानी संभाली और चार साल के बाद यहां जीत दर्ज की। इस टीम का नेतृत्व करने पर सिर्फ एक ही शब्द कहूंगा- गर्व। यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि इस टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। हमारी टीम के लड़कों ने कप्तान का काम आसान किया।'
कोहली ने साथ ही कहा कि यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है और स्वीकार किया कि वह इस सीरीज जीत से काफी भावुक हैं। कोहली ने कहा, 'अब तक यह मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह सभी उपलब्धियों में सबसे ऊपर है। जब हमने 2011 विश्व कप जीता तब मैं टीम का सबसे युवा खिलाड़ी था। अपने टीम साथियों को भावुक देखा, लेकिन तब मुझे ऐसा महसूस नहीं हुआ। मैं ऑस्ट्रेलिया तीन बार आया, यहां की जीत का मतलब कुछ अलग है। सीरीज जीत से हमे अलग पहचान मिली है। हमने जो उपलब्धि हासिल की है, उस पर मुझे गर्व है।'
कप्तान कोहली ने चेतेश्वर पुजारा और युवा मयंक अग्रवाल की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'हमने टीम के रूप में अपनी बल्लेबाजी के बारे में बात की। हम अपने बेसिक्स पर ध्यान देना चाहते थे। पुजारा के बारे में विशेष उल्लेख करना चाहूंगा। उन्होंने सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में पिछली बार की तुलना में इस बार बेहतर प्रदर्शन किया। पुजारा चीजों को स्वीकार करने की ललक रखते हैं। वह अपने खेल पर काम करते हैं और हमारे बीच सबसे अच्छे लड़कों में से एक हैं। हम उनके लिए बहुत खुश हैं।'
कोहली ने आगे कहा, 'मयंक अग्रवाल के बारे में भी विशेष उल्लेख करना चाहूंगा। वह बॉक्सिंग-डे टेस्ट में चैंपियन की तरह खड़े हुए। वह अपने दिमाग की बात कहते हैं, लेकिन बल्लेबाजी इकाई के रूप में हम सभी ने योगदान दिया। यह ऐसी चीज है जो टीम के साथ बहुत अच्छे से चली। जिस तरह हमारी टीम के गेंदबाजों ने प्रदर्शन किया, मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। हमारे गेंदबाज सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही नहीं बल्कि इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में भी सफल रहे।'