बीते एक दशक में विराट कोहली का कद जिस तेजी से बढ़ा उसके आगे कोई भी बल्लेबाज नहीं ठहरता। टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान ने 2008 में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया और समय के साथ निखरते ही गए। पहले टीम में अपनी जगह पक्की की फिर धीरे से धोनी के उत्तराधिकारी बने और अब महान सचिन तेंदुलकर से उनकी तुलना की जाती है। टेस्ट, वन-डे और टी-20 में क्रमश: 937, 911 और 897 करियर बेस्ट रेटिंग पॉइंट के साथ कोहली नित नए रिकॉर्ड तोड़ते जा रहे हैं। 32वें जन्मदिन के मौके पर आइए अतीत के कुछ पन्ने पलट कर किंग कोहली की पांच यादगार और ऐतिहासिक पारियों की बात करते हें।
Virat Kohli Birthday: पांच बेहतरीन मैच जो रनमशीन विराट कोहली की महानता दर्शाते हैं
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133 नाबाद vs श्रीलंका, सीबी सीरीज, 2012
सीबी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया-श्रीलंका-भारत के बीच त्रिकोणीय श्रृंखला जारी थी। होबार्ट में पड़ोसी मुल्क श्रीलंका के साथ खेले गए एक मैच में दुनिया ने पहली बार विराट की झलक देखी थी। टेस्ट सीरीज 0-4 से गंवाने के बाद इस मैच में भी भारत की हालत खराब थी। 37 ओवर के भीतर ही 321 का विशाल लक्ष्य साधना था। ऐसे विकट हालात में कोहली ने मैदान पर आकर 86 गेंदों में 133 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। उस दौर के सबसे खतरनाक पेसर लसिथ मलिंगा की तो बखिया ही उधेड़ थी। यॉर्कर किंग को एक ओवर में 24 रन की पिटाई शायह ही कोई भूल पाया होगा।
183 vs पाकिस्तान, 2012, ढाका, एशिया कप
जीत के लिए 330 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए कोहली ने 148 गेंद की पारी में 22 चौके और एक छक्के की मदद से 183 रन बनाए थे। भारतीय टीम ने खाता खोले बगैर विकेट गंवा दिया था। गौतम गंभीर के जल्दी आउट होने के बाद अनुभवहीन विराट कोहली ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाई और फिर 330 में से अकेले 183 रन बनाकर ही दम लिया। इस मैच में पाकिस्तान के पास मोहम्मद हफीज, उमर गुल, एजाज चीमा, सईद अजमल, शाहिद अफरीदी और वहाब रियाज जैसे अनुभवी गेंदबाज थे, लेकिन कोहली ने पाकिस्तानी आक्रमण की घज्जियां उड़ा दी थी। मैच में कोहली के बल्ले से 22 चौके और एक छक्का निकला था।
82* vs ऑस्ट्रेलिया, 2016 वर्ल्ड टी-20
7 मार्च 2016 को विराट कोहली ने अपने टी-20 करियर की सबसे यादगार पारी खेली थी। भारत में खेले गए वर्ल्ड टी-20 में ऑस्ट्रेलिया को हराकर ही भारत सेमीफाइनल में पहुंच सकता था। टॉस गंवाकर 161 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआती 6 ओवर में ही 37 रन के स्कोर पर दोनों सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और शिखर धवन को खो दिया था। सुरेश रैना भी 10 रन बनाकर आउट हो गए। फिर कोहली ने पहले युवराज के साथ पारी संभाली फिर अकेले अपने दमपर ही टीम की जीत सुनिश्चित की। कोहली ने 51 गेंदों में 82 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को 6 विकेट से जीत दिलाई। हालांकि, अगले ही मैच में भारतीय टीम वेस्टइंडीज से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
149 vs इंग्लैंड, बर्मिंघम, 2018
2014 दौरे की कड़वी यादों को साथ लेकर 2018 में भारतीय टीम एकबार फिर इंग्लैंड दौरे पर पहुंची। पिछली बार 13.50 के घटिया रनरेट से बल्लेबाजी करने वाले कोहली को इस बार न सिर्फ खुद को साबित करना था बल्कि बतौर कप्तान सवा करोड़ हिंदुस्तानियों की उम्मीदों का बोझ भी उठाना था। भले ही भारत कुछ नजदीकी मुकाबलों को हारने के बाद सीरीज 1-4 से गंवा बैठा, लेकिन कोहली के बल्ले ने रन उगला। पांच टेस्ट में उन्होंने 59.30 की औसत से 593 रन बनाए। पहले टेस्ट में जहां सारे भारतीय धुरंधर एक के बाद एक पवेलियन लौट रहे थे, तब जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे खतरनाक बॉलर्स की स्विंग होती गेदों के सामने किंग कोहली ने 149 रन बनाए। तीसरे टेस्ट की पहली पारी में 97 तो दूसरी पारी में 103 रन बनाकर भी अपनी जीवटता का प्रदर्शन किया था।