{"_id":"597e2bdf4f1c1b25508b4784","slug":"second-test-against-sri-lanka-will-be-cheteshwar-pujara-s-50th-career-test","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पुजारा ने गाले में जड़ा शतक, कोलंबो में पूरा करेंगे अर्धशतक ","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
पुजारा ने गाले में जड़ा शतक, कोलंबो में पूरा करेंगे अर्धशतक
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:08 PM IST
विज्ञापन
चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीसरे क्रम पर भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा पचासवें टेस्ट की दहलीज पर हैं। कोलंबो में तीन अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट में वह अपना 50वां टेस्ट खेलने उतरेंगे। अब तक खेले गए 49 टेस्ट मैचों में पुजारा ने 52.18 की औसत से 3966 रन बनाए हैं जिसमें 12 शतक शामिल हैं। उनका पिछला शतक श्रीलंका के खिलाफ गाले में खेले गए पहले टेस्ट में लगा जिसमें भारतीय टीम 304 रन से जीत हासिल की।
पुजारा ने गाले में जड़ा शतक, कोलंबो में पूरा करेंगे अर्धशतक
गाले टेस् चेतेश्वर पुजारा
2011 में टेस्ट करियर का आगाज करने वाले पुजारा ने कहा-अभी तक का उनका सफर शानदार रहा है। देश के लिए पचासवां टेस्ट खेलना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है। हां कैरियर में उतार-चढ़ाव होते हैं लेकिन हालिया फॉर्म को देखें तो उम्मीद है कि मैं अपने पचासवें टेस्ट में रन बनाने में सफल रहूंगा। पुजारा का मानना है कि विदेशी दौरों में अनुभवी खिलाड़ी काफी अहम होते हैं। जब हम पहली बार दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड गए थे (2014-15) में तब हमें उन परिस्थितियों का ज्यादा अनुभव नहीं था लेकिन अब हम जब इन देशों का दौरा करेंगे तो हमारे गेंदबाजों को पता होगा कि कैसी गेंदबाजी करनी है और बल्लेबाजों का आत्मविश्वास भी अधिक होगा।
पुजारा ने गाले में जड़ा शतक, कोलंबो में पूरा करेंगे अर्धशतक
चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : ESPN
पुजारा की नजर में श्रीलंका के खिलाफ 2015 की सीरीज में उन्होंने वापसी करते हुए 145 रन की पारी खेली थी जोकि महत्वपूर्ण पारी रही क्योंकि उसके बाद से उनके बल्ले से रन निकल रहे हैं। यहां तक कि घरेलू क्रिकेट में भी उन्होंने बड़े स्कोर किए। उन्होंने कहा कि आप जब अपने खेल में तकनीकी सुधार करते हैं तो घरेलू क्रिकेट में भी फायदा होता है। उन्होंने कहा कि मेरी तकनीक में कोई खराबी नहीं थी। मैंने राहुल भाई (द्रविड़) से बात की थी। उन्होंने कहा कि तुम्हारी तकनीक में कोई खराबी नहीं है, जैसे खेलते हो, वैसे ही खेलते रहो। मैंने अपने खेल पर भरोसा किया, कड़ी मेहनत की। पुजारा की नजर में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में पहला शतक, 2011 में पदार्पण के बाद दक्षिण अफ्रीका पहला विदेशी दौरा और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली सीरीज में बंगलूरू में 92 रन की पारी यादगारपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुजारा ने गाले में जड़ा शतक, कोलंबो में पूरा करेंगे अर्धशतक
चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : ESPN
चोट के कारण एक वर्ष हुआ खराब
सात वर्ष के अंतरराष्ट्रीय कैरियर में 2015 तक उनका टीम में आना-जाना लगा रहा। कैरियर के शुरुआती दिनों में उन्हें घुटने की चोट से भी जूझना पड़ा। पुजारा ने उस समय को याद करते हुए कहा कि चोट का समय मेरे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। घुटने की चोट के कारण मैं छह महीने बाहर रहा। मुझे 2011 में भी चोट लगी थी जिससे भी मैं छह महीने के लिए बाहर हो गया था। कुल मिलाकर लगभग एक साल चोट के कारण खराब हुआ जोकि काफी मुश्किल भरा दौर था। पुजारा ने कहा कि चोट से वापसी के बाद आपको फिर लय हासिल करनी पड़ती है क्योंकि आपकी एकाग्रता पर असर पड़ता है। अब मैं उस मुश्किल दौर से बाहर आ चुका हूं और अपनी फिटनेस पर काम कर रहा हूं।
सात वर्ष के अंतरराष्ट्रीय कैरियर में 2015 तक उनका टीम में आना-जाना लगा रहा। कैरियर के शुरुआती दिनों में उन्हें घुटने की चोट से भी जूझना पड़ा। पुजारा ने उस समय को याद करते हुए कहा कि चोट का समय मेरे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। घुटने की चोट के कारण मैं छह महीने बाहर रहा। मुझे 2011 में भी चोट लगी थी जिससे भी मैं छह महीने के लिए बाहर हो गया था। कुल मिलाकर लगभग एक साल चोट के कारण खराब हुआ जोकि काफी मुश्किल भरा दौर था। पुजारा ने कहा कि चोट से वापसी के बाद आपको फिर लय हासिल करनी पड़ती है क्योंकि आपकी एकाग्रता पर असर पड़ता है। अब मैं उस मुश्किल दौर से बाहर आ चुका हूं और अपनी फिटनेस पर काम कर रहा हूं।
विज्ञापन
पुजारा ने गाले में जड़ा शतक, कोलंबो में पूरा करेंगे अर्धशतक
रहाणे और पुजारा
पिता का रवैया अब उतना सख्त नहीं
सौराष्ट्र के पूर्व रणजी क्रिकेटर अरविंद पुजारा के अपने पुत्र चेतेश्वर पुजारा के कैरियर में योगदान से सब परिचित हैं। चेतेश्वर का कहना है उनके सबसे बड़े आलोचक उनके पिता अब उतने सख्त नहीं रह गए हैं जैसा हुआ करते थे। चेतेश्वर ने कहा कि मेरे पिता मेरे श्रेष्ठ और सबसे बड़े आलोचक रहे हैं लेकिन अब हम दोनों के बीच एक सहमति बन चुकी है। हम हमेशा विचार-विमर्श करते हैं और निष्कर्ष निकालते हैं, अब उनका रवैया उतना सख्त भी नहीं होता। तीसरा टेस्ट कोलंबो में तीन अगस्त से खेला जाएगा।
सौराष्ट्र के पूर्व रणजी क्रिकेटर अरविंद पुजारा के अपने पुत्र चेतेश्वर पुजारा के कैरियर में योगदान से सब परिचित हैं। चेतेश्वर का कहना है उनके सबसे बड़े आलोचक उनके पिता अब उतने सख्त नहीं रह गए हैं जैसा हुआ करते थे। चेतेश्वर ने कहा कि मेरे पिता मेरे श्रेष्ठ और सबसे बड़े आलोचक रहे हैं लेकिन अब हम दोनों के बीच एक सहमति बन चुकी है। हम हमेशा विचार-विमर्श करते हैं और निष्कर्ष निकालते हैं, अब उनका रवैया उतना सख्त भी नहीं होता। तीसरा टेस्ट कोलंबो में तीन अगस्त से खेला जाएगा।