अर्जुन तेंदुलकर के क्रिकेट के मैदान पर कोई कमाल करने से पहले ही वह सुर्खियों का केंद्र बने हुए हैं। वह अपने साथ सरनेम 'तेंदुलकर' का दबाव लेकर चल रहे हैं, जिन्होंने उन्हें हमेशा से जनता के बीच लोकप्रिय विषय बना रखा है। उनके पिता जो भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा नाम हैं सचिन तेंदुलकर, ने कहा कि वह अपने बेटे के क्रिकेट में दखलंदाजी नहीं करेंगे। सचिन चाहते हैं कि उनका बेटा अपने क्रिकेट का पूरा आनंद उठाए।
अर्जुन ने हाल ही में श्रीलंका दौरे पर भारतीय अंडर-19 टीम की तरफ से डेब्यू किया। उन्होंने यूथ टेस्ट मैच में शिरकत की और दो चार दिवसीय मैच में कुल तीन विकेट चटकाए। 18 वर्षीय अर्जुन के लिए यह दौरा यादगार नहीं रहा क्योंकि वह गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी कोई कमाल नहीं फैला सके। सचिन चाहते हैं कि उनका बेटा अपने दम पर आगे बढ़े। वह अर्जुन के बारे में एक पिता बनकर बात करना पसंद करेंगे न कि क्रिकेटर बनकर।
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सचिन तेंदुलकर-अर्जुन तेंदुलकर
महान क्रिकेटर को भरोसा है कि अर्जुन अपना रास्ता खुद बनाएंगे जब तक वह खेल के लिए जुनूनी हैं। उसके रास्ते में कई बाधाएं आएंगी, लेकिन अर्जुन अपना रास्ता खुद बनाएंगे। तेंदुलकर ने बीबीसी से बातचीत में कहा, 'मैंने अर्जुन को आजादी दे रखी है कि वो जो करना चाहे करे। वो बाएं हाथ का तेज गेंदबाज है। वह क्रिकेट में अपने समय का आनंद उठा रहा है, जिसमें मैं हस्तक्षेप नहीं कर रहा। जब तक वह क्रिकेट खेलने का जुनूनी है, मुझे भरोसा है कि कई बाधाएं आएंगी, लेकिन वो तैयार रहेगा।'
मास्टर ब्लास्टर ने स्वीकार किया कि अर्जुन को काफी दबाव झेलना पड़ेगा क्योंकि वह लोकप्रिय सरनेम लेकर साथ साथ चल रहा है, लेकिन वो इसे मसला नहीं मानता। सचिन तेंदुलकर ने कहा, 'नाम की वजह से अर्जुन पर काफी दबाव रहता है, लेकिन मैं उस बारे में ज्यादा बात नहीं करता। मैंने भारतीय मीडिया से भी कहा है कि अर्जुन से बात पिता बनकर करता हूं न कि क्रिकेटर बनकर।'
हाल ही में अर्जुन तेंदुलकर ने इंग्लैंड में नेट्स पर भारतीय कप्तान विराट कोहली को बल्लेबाजी का अभ्यास कराया। वैसे यह कोई पहला मौका नहीं है जब अर्जुन ने भारतीय बल्लेबाजों को नेट्स पर बॉलिंग की हो। इसके पहले भी कई सीरीज पर वह टीम इंडिया के खिलाड़ियों के साथ पसीना बहाते नजर आ चुके हैं।