टीम इंडिया के 291वें टेस्ट खिलाड़ी ऋषभ पंत ने अपने डेब्यू टेस्ट को अब तक यादगार बनाया है। 20 वर्षीय दिल्ली के बल्लेबाज को अंतिम एकादश में खराब फॉर्म से जूझ रहे और चोटिल दिनेश कार्तिक की जगह शामिल किया गया। पंत ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका और दूसरी गेंद पर छक्का जमाकर अपना खाता खोला। वह भारत के पहले बल्लेबाज बने, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में छक्का जड़कर अपना खाता खोला।
पंत ने जब ट्रेंटब्रिज में इंग्लिश स्पिनर आदिल राशिद की गेंद पर छक्का जमाया तो कई फैंस इसे देखकर दंग रह गए। यही नहीं, ऋषभ पंत की मां सरोज भी यह देख आश्चर्य में पड़ गई कि बाएं हाथ के बल्लेबाज ने किस अंदाज में शुरुआत की है। पंत जब बल्लेबाजी करने आए तब टीम इंडिया का स्कोर 5 विकेट पर 279 रन था।
युवा बल्लेबाज ने 51 गेंदों में 24 रन बनाए और भारत को पहली पारी में 329 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की। इसके अलावा इंग्लैंड की पहली पारी में पंत ने पांच कैच लपके। वह टेस्ट डेब्यू में नरेन तम्हाने, किरण मोरे और नमन ओझा के बाद यह कारनामा करने वाले चौथे बल्लेबाज बने।
बहरहाल, सरोज ने बताया कि ऋषभ पंत के पिता के निधन के बाद कैसे उन्होंने डेब्यू टेस्ट में अपने बेटे का हौसला बढ़ाया। कश्मीर टाइम्स ने सरोज के हवाले से कहा, 'जब मुझे पता चला कि ऋषभ टेस्ट में डेब्यू करने जा रहा है, तब मैं बहुत घबराई हुई थी। उसे दूसरी ही गेंद पर छक्का लगाते देख मैं भी हैरान रह गई। टेस्ट खेलने जाने से पहले ऋषभ ने मुझे फोन किया और कहा कि मैं उसे टीवी पर खेलते देखूं। जब बेटा खेल रहा होता है तब अधिकांश मैं टीवी नहीं देखती।'
बकौल सरोज, 'हालांकि, पंत के पिता के गुजर जाने के बाद ऋषभ ने मुझसे कहा कि मैं उसे खेलते देखूं। मैंने ऐसा ही किया।' सरोज के इस भाव से निश्चित ही ऋषभ पंत का विश्वास बढ़ा होगा। पंत ने अब तक भारत के लिए चार टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इसके अलावा उन्होंने 23 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 308 रन हैं। आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलते हुए भी पंत का प्रदर्शन शानदार रहा था।