वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को बाहर बैठना पड़ा था। जिसको लेकर बड़ा ही बवाल मचा था। सुनिल गावस्कर ने टीम इंडिया के इस फैसले पर हैरानी जताई थी। जमैका के सबीना पार्क में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भी उन्हें अंतिम 11 में मौका नहीं मिला, जिसके बाद ऐसी चर्चा चल गई है कि अश्विन का करियर अब ढलान की ओर बढ़ गया है। अश्विन को अंतिम 11 में जगह नहीं मिलने पर अब टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने चुप्पी तोड़ी है। आइए बाताते हैं रविचंद्रन अश्विन को लेकर उन्होंने क्या कहा है।
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने शनिवार को कहा कि रविचंद्रन अश्विन जैसे चैंपियन गेंदबाज के आगे वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतिम 11 में रवींद्र जडेजा को तरजीह इसलिए दी गई, क्योंकि उनकी बल्लेबाजी में सुधार हुआ है और सपाट पिच पर गेंदबाजी में मामले में उनका नियंत्रण बेहतर है। वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में अंतिम 11 में अश्विन की जगह जडेजा को चुने जाने पर सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज भी ‘आश्चर्यचकित’ हुए थे।
जडेजा ने हालांकि पहले टेस्ट में दवाब में अर्धशतक लगाने के बाद पहली पारी में दो विकेट झटक कर आलोचकों को जवाब दिया था। शास्त्री ने टूर्नामेंट के प्रसारक ‘सोनी’ के लिए इंग्लैंड के स्पिनर ग्रीम स्वान को दिए साक्षात्कार में कहा कि जडेजा को देखें तो उनका रिकॉर्ड शानदार है। आपको देखना होगा कि वह टीम में कितना सहयोग करता है। वह अब शायद दुनिया के सबसे अच्छे क्षेत्ररक्षकों में से हैं और उसने अपनी बल्लेबाजी में काफी सुधार किया है।
4 of 5
आर अश्विन और विराट कोहली
- फोटो : सोशल मीडिया
अश्विन ने उपमहाद्वीप के बाहर सपाट पिचों पर हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया है। शास्त्री ने तमिलनाडु के ऑफ स्पिनर की कमजोरी के बारे में बात करने की जगह स्पिनर के रूप में जडेजा की मजबूती के बारे में बात की। शास्त्री ने कहा कि अगर आप इन पिचों को (नॉर्थ साउंड और किंगस्टन) को देखेंगे तो मुझे नहीं लगता इस पिच (किंग्स्टन) स्पिनरों के लिए कुछ होगा। यहां आपको नियंत्रण की जरूरत होगी।
पहले टेस्ट में जडेजा के चुने जाने के बारे में शास्त्री ने कहा कि टेस्ट मैच के पहले सत्र में नमी वाली पिच पर जडेजा की गेंदबाजी क्षमता के कारण उनका चयन हुआ था। उन्होंने कहा कि पहले टेस्ट में जडेजा का चयन इसलिए किया था क्योंकि पिच में नमी थी। अगर हम पहले गेंदबाजी कर रहे होते तो वह बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल देते। ऐसे स्थिति में हम पहले सत्र में भी उनका इस्तेमाल कर सकते थे। शास्त्री ने कहा कि यही कारण है कि, हमने विश्व स्तरीय गेंदबाज अश्विन की जगह जडेजा के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। अश्विन या कुलदीप यादव को बाहर रखना मुश्किल फैसला है।