आर अश्विन इस समय टीम इंडिया के सबसे बेस्ट 'संकटमोचक' बने हुए हैं। एक बार फिर उन्होंने गेंद के इतर बल्ले से कमाल दिखाते हुए एक नया रिकॉर्ड ही बना दिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन उन्होंने बल्ले से बड़ी पारी खेलते हुए भारत को शुरुआती संकट से उबार लिया।
'संकटमोचक' अश्विन ने बल्ले और गेंद से बनाया नया रिकॉर्ड
दुनिया के नंबर वन ऑलराउंडर आर अश्विन पहले दिन का खेल खत्म होने तक रिदिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 108 रनों की साझेदारी कर चुके हैं। भारत का स्कोर 5 विकेट पर 126 रन था लेकिन अश्विन और साहा ने शतकीय साझेदारी कर टीम को संकट से करीब-करीब बाहर निकाल दिया। किसी भी सीरीज में ऑलराउंड प्रदर्शन का सबसे शानदार प्रदर्शन का नया रिकॉर्ड है।
'संकटमोचक' अश्विन ने बल्ले और गेंद से बनाया नया रिकॉर्ड
लंबे कद के क्रिकेटर अश्विन ने इस मैच में 75 रनों की पारी खेली है और अभी क्रीज पर बने हुए हैं, जब वह दूसरे दिन का खेल आगे बढ़ाएंगे तो उनका लक्ष्य अपने करियर का चौथा शतक जमाने पर होगा। फिलहाल वह शतक से 25 रन दूर हैं। इस सीरीज में उन्होंने दूसरी बार 50 या उससे ज्यादा का स्कोर किया है। साथ ही गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए 2 या उससे ज्यादा बार 5 या उससे ज्यादा का विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया है।
'संकटमोचक' अश्विन ने बल्ले और गेंद से बनाया नया रिकॉर्ड
किसी टेस्ट सीरीज में 2 बार 50 या उससे ज्यादा की पारी के अलावा गेंदबाजी में भी 2 बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा करने वाले भारतीय क्रिकेट के तीसरे क्रिकेटर हैं। इससे पहले यह कारनामा किया था कपिल देव और भुवनेश्वर कुमार ने। लेकिन इन दोनों ने 5 या उससे बड़ी टेस्ट सीरीज में यह उपलब्धि हासिल की थी जबकि अश्विन ने 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में यह रिकॉर्ड बना दिया।
'संकटमोचक' अश्विन ने बल्ले और गेंद से बनाया नया रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडर कपिल देव ने किसी भी सीरीज में 2 बार 50 से ज्यादा की पारी और 2 बार 5 या उससे ज्यादा का विकेट लेने का कारनामा दो बार किया है। पहली बार उन्होंने 1979-80 में पाकिस्तान के खिलाफ और फिर 1981-82 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराया। जबकि भुवनेश्वर कुमार ने 2014 में इंग्लैंड की धरती पर मेजबान टीम के खिलाफ यह प्रदर्शन किया।