टीम इंडिया के ऑलराउंडर केदार जाधव ने अपनी सफलता का श्रेय पूर्व कप्तान एमएस धोनी को दिया है। जाधव ने कहा है कि धोनी ने उन्हें इस तरह के क्रिकेटर बनने में मदद की। जाधव ने शनिवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 22 रन की तेजतर्रार पारी खेली और धोनी के साथ पांचवें विकेट के लिए तेजी से 53 रन की साझेदारी करके टीम इंडिया को 324 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी करते हुए रॉस टेलर का शिकार किया।
जाधव ने 51 वन-डे में 24 विकेट चटकाए हैं। जाधव को विकेट के पीछे से धोनी से मार्गदर्शन मिलता रहता है। जाधव ने कहा कि वह धोनी के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना। उन्होंने कहा, 'मैं आज जैसा क्रिकेटर हूं, वो धोनी की बदौलत। वह हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने सबसे पहले मुझे जिम्बाब्वे में देखा और फिर 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में।'
जाधव ने आगे कहा, 'धोनी चाहते थे कि मैं दो ओवर करूं और भाग्य की बात रही कि अपने दूसरे ओवर में मुझे दो विकेट मिले। इसके बाद से विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों से भी मुझे प्रोत्साहन मिलना शुरू हुआ। उन्होंने मेरा विश्वास बढ़ाया और मुझे पार्ट-टाइम गेंदबाज का दबाव महसूस नहीं होने दिया।'
ऑलराउंडर ने कहा, 'मैं विराट और माही भाई का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे वहां गेंदबाजी करने दी, जहां मैं चाहता था। जब विकेट गिरता है, तो वह मुझसे गेंदबाजी कराके ओवर्स का कोटा भी पूरा कर लेते हैं। मेरे ख्याल से मैं बहुत भाग्यशाली हूं। पहले भी कई बार बता चुका हूं कि जब भी मेरे मन में सवाल होता है तो माही भाई की तरफ देखता हूं। वह बताते हैं कि किस जगह गेंदबाजी करना है। मैं अपनी आंखें बंद करके वहां गेंदबाजी करूं तो भी विकेट मिल जाता है।'
जाधव ने जोर देकर कहा कि उनका पूरा ध्यान बल्लेबाजी पर है और वह प्रमुख स्पिनर बनने पर ध्यान नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं प्रमुख स्पिनर बनने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। मैं पार्ट टाइम गेंदबाज बनने की कोशिश कर रहा हूं, जो रन खर्च नहीं करता। मेरे कप्तान कहते हैं कि बाउंड्री जमाने वाली गेंद नहीं करना और अगर इस बीच विकेट मिल जाए तो वह बोनस है।'