भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे बॉक्सिंग डे टेस्ट का नतीजा भले ही कुछ भी निकले लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अपनी घातक गेंदबाजी से मेलबर्न में इतिहास रचकर मैच और दिल दोनों ही जीत लिया।
टीम इंडिया के इस तेज गेंदबाज को इस मैच का हीरो कहा जाए तो शायद गत नहीं होगा। दाए हाथ के इस गेंदबाज ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए बेहतरीन गेंदबाजी की और कंगारुओं की हालत पस्त कर दी।
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए केवल 33 रन देकर 6 विकेट चटकाए। बुमराह की धारदार व यॉर्कर गेंदबाजी के आगे कंगारुओं ने घुटने टेक दिए। बुमराह की कहर बरपाती गेंदों का असर यूं रहा कि ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी सिर्फ 151 रन पर ही सिमट गई।
दाएं हाथ के डेथ ओवर स्पेशलिस्ट बुमराह ने अपनी धारधार गेंदबाजी से पूरी दुनिया में सनसनी मचा रखी है। मगर शायद बहुत कम लोग जानते हैं कि बुमराह के अंदर यॉर्कर गेंदबाजी करने का खास हुनर कहां से आया? आइए हम आपको बताते हैंः
खबरों के मुताबिक जसप्रीत बुमराह जब सिर्फ 12 साल के थे तो गर्मियों की दोपहर में घर के अंदर ही बॉलिंग प्रैक्टिस करते थे। हालांकि जब ये गेंदबाज घर के अंदर बॉलिंग करता था तो उससे काफी आवाज होती थी, जिससे उनकी मां की नींद खराब होती थी। तभी उनकी मां ने बुमराह से कहा वो उन्हें घर में इसी शर्त पर खेलने देगी कि गेंद की आवाज न आए।