भारत-वेस्टइंडीज के बीच विशाखापट्टनम में हुए दूसरे वन-डे से पहले पिच पूजा कर एमएसके प्रसाद नए विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। प्रसाद के पूजा में शामिल होने से यह सवाल उठने लगे हैं क्या प्रसाद ने टीम इंडिया की जीत के लिए पूजा की थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, प्रसाद ने भारत वेस्टइंडीज के बीज सीरीज के दूसरे वनडे से पहले स्टेडिम की पिच पर आंध्रप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के कुछ अधिकारियों और पिच क्यूरेटर्स के साथ पूजा की थी। माना जा रहा है कि प्रसाद ने टीम इंडिया की जीत के लिए यह पूजा की थी। जबकि यह मैच रोमांचक रूप से आखिरी गेंद में टाई हो गया था।
नए सीजन की शुरुआत में हर बार पिच पूजा की जाती है। मगर मैच वाले दिन पूजा करना पहले कभी नहीं हुआ। इस बारे में कई लोगों की अलग-अलग राय है। आंध्र प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अधिकारी जीजेजे राजू ने एमएसके प्रसाद को 'क्रिकेट अनपढ़' करार दे डाला।
राजू ने प्रसाद को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, 'वे चयनकर्ता समिति के प्रमुख हैं। ऐसे में उन्हें यह काम शोभा नहीं देता। जब अयोग्य व्यक्ति को पद मिल जाए तो ऐसा होना लाजिमी है। क्रिकेट एक धर्म निरपेक्ष खेल है। यहां इस तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना खिलाड़ियों के मनोबल को तोड़ने से कम नहीं।
दूसरी ओर कुछ लोगों का यह भी मानना है कि, 'अगर पूजा के दौरान पिच को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है तो इस तरह की पूजा में कोई बुराई नहीं है। तकनीकी तौर पर इस गलत नहीं ठहराया जा सकता। एक बार अंपायर पिच पर आ जाएं तो फिर इस तरह की कोई भी गतिविधि की इजाजत नहीं दी जा सकती।