रोहित शर्मा ने नाबाद शतकीय पारी खेलने के बाद कहा कि उनके खेलने का तरीका सलामी बल्लेबाजी के अनुरूप है। वह इस जिम्मेदारी के लिए मानसिक रूप से तैयार थे। उन्होंने कहा, ‘इस (उनके पारी के आगाज करने के) बारे में लंबे समय से विचार हो रहा था। वेस्टइंडीज दौरे पर उन्होंने मुझे साफ तौर पर कहा था कि ऐसा होने वाला है।
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रोहित शर्मा
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दो वर्षों से थी तैयारी
उन्होंने कहा, 'मैं पिछले दो वर्षों से इसके लिए तैयार था। मुझे इस बात का अहसास था कि मैं पारी का आगाज कर सकता हूं और मैं इसके लिए तैयार था। जाहिर है टेस्ट मैच में पारी का आगाज करना पूरी तरह से भिन्न होता है। आपको इसके लिए नई गेंद का सामना करने के लिए मानसिक रूप से ज्यादा तैयारी करनी होती है और खेल को आगे ले जाना होता है।'
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रोहित शर्मा
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'पैड पहनो और बल्लेबाजी करने उतरो'
रोहित ने बताया, जब मैं बल्लेबाजी के लिए उतरा तो मेरे दिमाग में ये बातें थी कि इस पारी को किस तरह से आगे बढ़ाना है। मुझे इस पर कोई संदेह नहीं था। मुझे लगता है यह (पारी का आगाज करना) मेरे खेल के अनुकूल है, पैड पहनो और बल्लेबाजी करने उतरो। जब मैं पांचवे या छठे क्रम पर बल्लेबाजी करता हूं तो मुझे इंतजार करना होता है। मैं यह नहीं कहूंगा कि वह मेरे खेल के मुताबिक नहीं है। लेकिन यहां दिमाग तरोताजा रहता है, हमें पता रहता है कि नई गेंद का सामना करना पडे़गा। आपको गेंदबाजों के बारे में पता होता है, क्षेत्ररक्षकों के बारे में पता रहता है। ऐसे में आपकी योजना थोड़ी आसान हो जाती है।’
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रोहित शर्मा
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मेरे लिए यह शानदार मौका
टेस्ट में पारी का आगाज करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है और रोहित से जब पूछा गया कि उन्होंने इसके लिए हामी कैसे भरी तो उन्होंने कहा, ‘जब आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं तो आप मौके की तलाश में होते हैं। मेरे लिए यह शानदार मौका है। हां आगे काफी चुनौतियां होंगी लेकिन मेरा ध्यान उस पर नहीं है। मैं वर्तमान में रहना पसंद करता हूं।’