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Gongadi Trisha: फाइनल में नाबाद 44 रन... शतक लगाने वाली पहली बल्लेबाज, विश्व क्रिकेट में छाईं गोंगाड़ी त्रिशा
Sun, 02 Feb 2025 03:17 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कुआलालंपुर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कुआलालंपुर
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 02 Feb 2025 03:17 PM IST
सार
गोंगाड़ी ने इस टूर्नामेंट में सात पारियों में 77 से ज्यादा की औसत और 147 के स्ट्राइक रेट से 309 रन बनाए। इनमें एक शतक शामिल है।
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गोंगाड़ी त्रिशा
- फोटो : BCCI
भारत ने महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप का खिताब जीत लिया है। फाइनल में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराया। भारत की जीत में गोंगाड़ी त्रिशा ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने तीन विकेट लेने के अलावा ओपनिंग करते हुए नाबाद 44 रन भी बनाए। सिर्फ फाइनल नहीं गोंगाड़ी ने इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। वह टूर्नामेंट की शीर्ष स्कोरर रहीं। इतना ही नहीं, उनके नाम महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप में पहला शतक जड़ने का भी रिकॉर्ड है। यह इस टूर्नामेंट का दूसरा संस्करण है और गोंगाड़ी से पहले ऐसा किसी ने नहीं किया था। 2023 में पिछले संस्करण को भी शेफाली वर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने जीता था।
गोंगाड़ी त्रिशा
- फोटो : BCCI Women
टूर्नामेंट में गोंगाड़ी का प्रदर्शन
गोंगाड़ी ने इस टूर्नामेंट में सात पारियों में 77 से ज्यादा की औसत और 147 के स्ट्राइक रेट से 309 रन बनाए। इनमें एक शतक शामिल है। यहां तक कि 2023 में भारत की शीर्ष स्कोरर रहीं श्वेता सहरावत ने भी 297 रन बनाए थे। गोंगाड़ी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में चार रन बनाए। इसके बाद मलयेशिया के खिलाफ दूसरे मैच में नाबाद 27 रन, श्रीलंका के खिलाफ तीसरे मैच में 49 रन, बांग्लादेश के खिलाफ चौथे मैच में 40 रन और स्कॉटलैंड के खिलाफ पांचवें मैच में नाबाद 110 रन की पारी खेली। वह महिला अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाली भारत की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की पहली और एकमात्र खिलाड़ी बन गईं। इससे पहले 2023 में पिछले संस्करण में इंग्लैंड के ग्रेस स्क्राइवेंस ने आयरलैंड के खिलाफ 93 रन बनाए थे।
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में गोंगाड़ी ने 35 रन की पारी खेली थी। अब फाइनल में नाबाद 44 रन बनाकर उन्होंने साबित किया कि वह आने वाले समय की एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं। साथ ही भारत को एक नया सितारा भी मिल गया है। गोंगाड़ी को फाइनल मैच में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और पूरे टूर्नामेंट शानदार बल्लेबाज के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड मिला।
गोंगाड़ी ने इस टूर्नामेंट में सात पारियों में 77 से ज्यादा की औसत और 147 के स्ट्राइक रेट से 309 रन बनाए। इनमें एक शतक शामिल है। यहां तक कि 2023 में भारत की शीर्ष स्कोरर रहीं श्वेता सहरावत ने भी 297 रन बनाए थे। गोंगाड़ी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में चार रन बनाए। इसके बाद मलयेशिया के खिलाफ दूसरे मैच में नाबाद 27 रन, श्रीलंका के खिलाफ तीसरे मैच में 49 रन, बांग्लादेश के खिलाफ चौथे मैच में 40 रन और स्कॉटलैंड के खिलाफ पांचवें मैच में नाबाद 110 रन की पारी खेली। वह महिला अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाली भारत की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की पहली और एकमात्र खिलाड़ी बन गईं। इससे पहले 2023 में पिछले संस्करण में इंग्लैंड के ग्रेस स्क्राइवेंस ने आयरलैंड के खिलाफ 93 रन बनाए थे।
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में गोंगाड़ी ने 35 रन की पारी खेली थी। अब फाइनल में नाबाद 44 रन बनाकर उन्होंने साबित किया कि वह आने वाले समय की एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं। साथ ही भारत को एक नया सितारा भी मिल गया है। गोंगाड़ी को फाइनल मैच में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और पूरे टूर्नामेंट शानदार बल्लेबाज के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड मिला।
गोंगाड़ी त्रिशा
- फोटो : BCCI
गोंगाड़ी का करियर, प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
गोंगाड़ी त्रिशा का जन्म 15 दिसंबर 2005 को निजामाबाद, तेलंगाना में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा निजामाबाद के एक स्थानीय स्कूल में पूरी की। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट का शौक था। परिवार के समर्थन से गोंगाड़ी ने क्रिकेट में करियर बनाने का निर्णय लिया। गोंगाड़ी ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन से क्रिकेट प्रशिक्षण लिया। उनकी प्रतिभा और मेहनत के कारण गोंगाड़ी को जल्द ही राज्य स्तर पर खेलने का मौका मिला। उन्होंने विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। गोंगाड़ी एक दाएं हाथ की बल्लेबाज हैं, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के लिए जानी जाती हैं। वह मैदान के चारों ओर शॉट खेलने में सक्षम हैं और उनकी तकनीक बेहद मजबूत है।
गोंगाड़ी त्रिशा का जन्म 15 दिसंबर 2005 को निजामाबाद, तेलंगाना में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा निजामाबाद के एक स्थानीय स्कूल में पूरी की। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट का शौक था। परिवार के समर्थन से गोंगाड़ी ने क्रिकेट में करियर बनाने का निर्णय लिया। गोंगाड़ी ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन से क्रिकेट प्रशिक्षण लिया। उनकी प्रतिभा और मेहनत के कारण गोंगाड़ी को जल्द ही राज्य स्तर पर खेलने का मौका मिला। उन्होंने विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। गोंगाड़ी एक दाएं हाथ की बल्लेबाज हैं, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के लिए जानी जाती हैं। वह मैदान के चारों ओर शॉट खेलने में सक्षम हैं और उनकी तकनीक बेहद मजबूत है।
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गोंगाड़ी त्रिशा
- फोटो : BCCI
मिताली के पदचिन्हों पर चल रही हैं गोंगाड़ी
गोंगाड़ी ने अपने खेल को प्रभावित करने के लिए अपनी आदर्श और महान क्रिकेटर मिताली राज को श्रेय दिया। गोंगाड़ी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, 'मैं मिताली दीदी को देखकर बड़ी हुई हूं और वह जिस तरह से पारी आगे बढ़ाती हैं, मुझे वो बहुत पसंद है। मैं हमेशा से ऐसा ही करना चाहती थी। वह हमेशा से मेरी आदर्श रही हैं।' शतक के बारे में उन्होंने कहा, 'हां, यह मेरे लिए वाकई खास है। मैं विश्व कप के पहले मैच में शतक जड़ना चाहती थी, लेकिन मुझे दूसरा मौका मिल ही गया।'
गोंगाड़ी ने अपने खेल को प्रभावित करने के लिए अपनी आदर्श और महान क्रिकेटर मिताली राज को श्रेय दिया। गोंगाड़ी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, 'मैं मिताली दीदी को देखकर बड़ी हुई हूं और वह जिस तरह से पारी आगे बढ़ाती हैं, मुझे वो बहुत पसंद है। मैं हमेशा से ऐसा ही करना चाहती थी। वह हमेशा से मेरी आदर्श रही हैं।' शतक के बारे में उन्होंने कहा, 'हां, यह मेरे लिए वाकई खास है। मैं विश्व कप के पहले मैच में शतक जड़ना चाहती थी, लेकिन मुझे दूसरा मौका मिल ही गया।'