ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी ने पृथ्वी शॉ की कमजोरियों को उजागर कर दिया, लेकिन भारतीय कप्तान विराट कोहली उनकी तकनीक में किसी भी तरह के सुधार करने के प्रयास से पहले ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपनाने के लिए तैयार हैं। क्योंकि उन्हें इस युवा सलामी बल्लेबाज के आउट होने में एक जैसा तरीका नजर नहीं आया। 20 वर्षीय शॉ न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन टेस्ट मैच में 16 और 14 रन ही बना पाए और विशेषज्ञों को उनकी बल्लेबाजी में कुछ कमजोरियां नजर आईं।
कीवियों ने पकड़ी पृथ्वी शॉ की कमजोरी, बदले में विराट ने अपनाई 'देखो और इंतजार करो' की रणनीति
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Wed, 26 Feb 2020 12:09 PM IST
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