दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए सुरेश रैना की टीम इंडिया में वापसी हुई है। 31 वर्षीय रैना की करीब एक साल से अधिक समय के बाद टीम इंडिया में वापसी हुई। रैना को टीम में वापसी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा क्योंकि पिछले साल वह यो-यो टेस्ट पास करने में सफल नहीं हुए थे।
फिटनेस के साथ-साथ रैना का घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन भी काफी खराब रहा था। इसके बाद उनकी जगह पर सवाल खड़े होने लगे थे। मध्यक्रम के बल्लेबाज ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दमदार शतक जमाया और इसके बाद टीम इंडिया में उनकी वापसी संभव हुई।
सुरेश रैना ने इंग्लैंड के खिलाफ पिछले साल टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था। अब रैना ने अपनी वापसी पर खुशी जताई है। रैना के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने कहा, 'यह सब विश्वास और कड़ी मेहनत का नतीजा है। मैंने कभी अपना विश्वास नहीं खोया और अपनी फिटनेस व स्किल्स पर कड़ी मेहनत जारी रखी। मेरा अपने गेम पर पूरा ध्यान रहा और मुझे अच्छे मौके का इंतजार था।'
रणजी व दिलीप ट्रॉफी में लचर प्रदर्शन करने वाले रैना ने हाल ही में यो-यो टेस्ट पास किया। उन्होंने अपनी वापसी पर कहा, 'मुझे एक अच्छी पारी की जरुरत थी और यह पता था कि जल्द ही एक उम्दा पारी खेलूंगा। मैं पिच पर जाकर कुछ धमाल करना चाहता था।'
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में रैना ने बंगाल के खिलाफ सिर्फ 49 गेंदों में 126 रन की पारी खेली। इसके बाद तमिलनाडु और बड़ौदा के खिलाफ उन्होंने क्रमशः 61 व 56 रन की पारी खेली। इसके बाद चयनकर्ता रैना को नजरअंदाज नहीं कर पाए।