साल 2009, आईपीएल दूसरी बार खेला जा रहा था, लेकिन भारत की जमीन पर नहीं, दक्षीण अफ्रीकी जमीन पर। इस साल एक युवा भारतीय खिलाड़ी ने आईपीएल में वो कारनामा कर दिखाया, जिसे युवराज, धोनी, रैना, सहवाग जैसे धाकड़ बल्लेबाज नहीं कर पाए थे। वह युवा बल्लेबाज आईपीएल में शतक लगाने वाला पहला भारतीय बैट्समैन बना, जिसका नाम है मनीष पांडे। मनीष का आज बर्थडे है।
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Manish Pandey
- फोटो : social Media
21 मई 2009, मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और डेक्कन चार्जर्स के बीच सेंचुरियन के मैदान पर खेला जा रहा था। मनीष पांडे और जैक कैलिस रॉयल चैलेंजर्स की पारी की शुरुआत करने उतरे, लेकिन जल्द की कैलिस आउट हो गए। कैलिस के आउट के होने के बाद मोर्चा संभाला पांडे ने और डेक्कन चार्जर्स के गेंदबाजों को पीटना शुरू कर दिया।
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मनीष पांडे
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मनीष पांडे 73 गेंदों में नबाद 114 रन ठोक आईपीएल-2 में इतिहास रच गए। सात शतक लगने के बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने आईपीएल में सैकड़ा जड़ा था। इस धमाकेदार शतक के बाद मनीष रातोंरात स्टार बन गए। भारतीय क्रिकेट में पांडे की पहचान इस शतक ने कराई। दूसरे सीजन में पहला शतक एबी डिविलियर्स के बल्ले से निकला था। इसके बाद मनीष पांडे ने शतक लगाया।
आईपीएल में उनकी पहली टीम मुंबई इंडियंस थी। इसके बाद वह दूसरे सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से खेले। इसके अलावा वे पुणे वारियर्स,कोलकाता नाइट राइडर्स से भी खेल चुके हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए मनीष पांडे चार साल खेले। उन्होंने इस टीम को दो बार चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। आईपीएल के सातवें सीजन के फाइनल में 50 गेंदों में ताबडतोड़ 94 रन की पारी खेलकर पांडे ने कोलकत्ता को चैंपियन बनाया था। मनीष पांडेय सनराइजर्स हैदराबाद से 2018 में जुड़े।
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मनीष पांडे
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मनीष पांडे ने 14 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना वन-डे अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया, लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता की कमी के कारण वह टीम से अंदर बाहर होते रहे। मनीष पांडे अपने डेब्यू के चार साल बाद भी सिर्फ 23 वन-डे और 31 टी-20 मुकाबले खेल पाए हैं। वनडे में एक शतक और दो अर्धशतक उनके नाम हैं।