दिल्ली डेयरडेविल्स के पूर्व कप्तान गौतम गंभीर ने कहा है कि उन्होंने कभी खुद को अंतिम एकादश से बाहर नहीं किया था। मौजूदा आईपीएल में दिल्ली की टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। गंभीर को मौजूदा आईपीएल में दिल्ली ने कप्तान बनाया था। टूर्नामेंट में दिल्ली की खराब शुरुआत के बाद गंभीर ने कप्तानी छोड़ दी और श्रेयस अय्यर को नया कप्तान चुना गया। मगर कप्तानी छोड़ने के बाद गंभीर को टीम से बाहर रखा गया।
इस सीजन में गंभीर की कप्तानी में डेयरडेविल्स ने 6 मैच खेले थे और तब तक दिल्ली सिर्फ एक ही मैच जीत पाई थी। कप्तानी छोड़ने के बाद अगले ही मैच में जब गंभीर अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे, तो नवनियुक्त कप्तान श्रेयस अय्यर से मीडिया ने पूछा कि गंभीर प्लेइंग इलेवन का हिस्सा क्यों नहीं थे? इस पर अय्यर ने बताया था कि उन्होंने (गंभीर) अपने आप को टीम से बाहर रखने का फैसला किया था।
अब गंभीर ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में खुलासा किया कि उन्होंने कभी अपने आप को अंतिम एकादश से ड्रॉप नहीं किया था। गंभीर ने कहा, 'मैंने खुद को कभी भी प्लेइंग इलेवन से बाहर नहीं रखा। टीम प्रबंधन का यह स्पष्टीकरण गलत है। यह हो सकता है कि टीम प्रबंधन के गेम प्लान के अनुसार, मैं प्लेइंग इलेवन का हिस्सा न रहा हूं। इससे मुझे परेशानी नहीं है। मगर यह कहा जाए कि मैंने खुद को प्लेइंग XI से बाहर रखा। सच यह है कि मैं हर मैच खेलने के लिए तैयार था।'
याद हो कि जब गंभीर ने कप्तानी छोड़ी थी, तब उन्होंने कहा था, 'यह मेरा फैसला है। मैं टीम के लिए ज्यादा योगदान नहीं दे सका। मुझे नेतृत्व करने के तौर पर इसकी जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। मुझे लगता है कि यही सही समय है।'
आईपीएल के नए सीजन से पहले गौतम गंभीर पिछले कुछ सीजन तक कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के कप्तान रहे थे। उनकी कप्तानी में कोलकाता 2 बार आईपीएल चैंपियन भी बनी थी। गंभीर ने आईपीएल के 11वें सीजन में 6 मैचों की 5 पारियों में कुल 85 रन बनाए हैं और इन मैचों में उनका औसत सिर्फ 17 का रहा है।