भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक कार्यक्रम के दौरान तनाव मुक्त जीवन को लेकर मंत्र दिया है। धोनी अपने करियर के दौरान कैप्टन कूल के नाम से जाने जाते थे और मैदान पर शांत रहने की उनकी प्रवृति के सभी लोग कायल हैं। धोनी ने तनाव मुक्त जीवन जीने को लेकर अपने रहस्य को साझा किया। उन्होंने खुद को लापरवाह इंसान बताया जो अपनी रात की नींद इस बात पर ध्यान देकर खराब नहीं करता कि अन्य लोग उनके बारे में क्या सोच रहे हैं।
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धोनी और सैमसन
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अपनी कप्तानी में दिलाए तीन आईसीसी खिताब
43 वर्षीय इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने भारत को अपनी कप्तानी में 2011 वनडे विश्व कप और 2007 में टी20 विश्व कप का खिताब दिलाया था। इसके बाद टीम ने 2013 में उन्हें की नेतृत्व में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। धोनी भारत के लिए अंतिम बार जून 2019 में खेलने उतरे थे और उन्होंने अगस्त 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। हालांकि, वह आईपीएल में अभी भी खेलते हैं।
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धोनी और सैमसन
- फोटो : PTI
प्रशंसकों को दी सलाह
धोनी को एक कार्यक्रम में अपने प्रशंसकों को सलाह देने के लिए कहा गया तो वह दार्शनिक हो गए। इस दौरान भारत के चोटिल विकेटकीपर बल्लेबाजी संजू सैमसन भी मौजूद थे। धोनी ने कहा, मेरा मानना है कि जीवन को सरल बनाए रखें। खुद के प्रति ईमानदार रहें, लोगों के प्रति कृतज्ञता रखें, जो कुछ भी वे आपके लिए कर रहे हैं। हमेशा यह नहीं सोचें कि यह मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और अधिक की मांग करें।
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एमएस धोनी
- फोटो : पीटीआई
धोनी ने क्षमा करने की प्रवृत्ति पर जोर दिया जो उन्हें लगता है कि लोगों में अभी कम है। धोनी ने कहा, मुझे हमेशा लगता है कि आपके चेहरे पर मुस्कान होने से आधी समस्या हल हो जाती है। भले ही आप आरामदायक स्थिति में नहीं हों, भले ही ऐसा करना कठिन हो, लेकिन क्षमा करने की शक्ति होनी चाहिए। यह एक ऐसी चीज है जो हमारे में से बहुत से लोगों के पास नहीं है। हम बहुत बदला लेने वाले लोग बन गए हैं। इसने मुझे ऐसा बोला, मैंने ऐसा बोला...बस माफ कर दो, आगे बढ़ो, जीवन में खुश रहो, क्योंकि हम जो भी करते हैं, जब हम बड़े हो रहे थे तो हम हमेशा जीवन में खुश रहना चाहते थे।
धोनी ने कहा कि कुछ चीजों के प्रति लापरवाह होना दिन-प्रतिदिन के जीवन के दबाव को संतुलित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा, हम सभी दबाव महसूस करते हैं। हमें हमेशा लगता है कि उसका जीवन बेहतर है लेकिन जो महत्वपूर्ण है वह यह है कि आप उस तनाव का प्रबंधन कैसे करते हैं, आप कितने तैयार हैं। मैं इसे बहुत सरल रखता हूं। बड़े होते हुए हमें बताया गया था कि आप लापरवाह नहीं हो सकते। लेकिन मुझे लगता है कि आज के माहौल में थोड़ा लापरवाह होना महत्वपूर्ण है क्योंकि आप अपने आस-पास होने वाली हर चीज के बारे में चिंता नहीं कर सकते। आप वे चीजें नहीं कर सकते जो आपके नियंत्रण में नहीं हैं।