कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश और दुनिया के कई बड़े खेल टूर्नामेंट्स या तो रद्द हो चुके हैं या फिर आगे बढ़ा दिए गए हैं। इस महामारी से पूरी दुनिया अस्त व्यस्त हो गई है। ऐसे में आइए हम आपको क्रिकेट से जुड़े कुछ पुरानी और रोचक बातें बताते हैं। खासकर, टेस्ट क्रिकेट को वन-डे के मुकाबले थोड़ा कठीन माना जाता है। और तो और टेस्ट मैच की चौथी पारी में खेलान थोड़ा मुश्किल भरा होता है। क्योंकि पिच रफ हो जाता है और बल्लेबाज को बल्लेबाजी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। मगर ये वो पांच खिलाड़ी है, जिन्होंने टेस्ट की चौथी पारी में दोहरे शतक जड़े थे?
वो पांच क्रिकेटर, जिन्होंने टेस्ट मैच की चौथी पारी में लगाई डबल सेंचुरी
जॉर्ज हेडली (वर्ष 1930, 223 रन)
इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज दौरे के चौथे टेस्ट की चौथी पारी में वेस्टइंडीज को जीतने के लिए 835 रन का लक्ष्य दिया। वेस्टइंडीज के जॉर्ज हेडली ने 385 गेंदों में 223 रन बनाए। चौथी पारी का यह रिकॉर्ड व्यक्तिगत स्कोर है।
विलियम एडरिच (वर्ष 1939, 219 रन)
इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह मैच डरबन में खेला गया था। दक्षिण अफ्रीका ने दूसरी पारी में 481 रन बनाए। इंग्लैंड को 696 रनों का लक्ष्य दिया। एडरिच टेस्ट इतिहास के दूसरा खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने चौथी पारी में दोहरा शतक बनाया। हालांकि, मैच ड्रॉ हो गया।
सुनील गावस्कर ( वर्ष 1979, 221 रन)
सुनील गावस्कर सभी चार पारियों में दोहरा शतक बनाने वाले टेस्ट इतिहास के एकमात्र खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1979-80 में भारत और इंग्लैंड के बीच लंदन के केनिंग्टन ओवल के चौथे टेस्ट की चौथी पारी में दोहरा शतक बनाया था। इंग्लैंड के 305 के जवाब में, भारत की पहली पारी 202 रनों पर सिमट गई और इंग्लैंड को पहली पारी की 103 रनों की बढ़त हासिल हुई। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 334-8 पर घोषित की और भारत को 438 रन का टारगेट दिया। चौथे दिन भारत ने बिना विकेट खोए 76 रन बना लिए। गावस्कर ने 443 गेंदों में 221 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया।
गॉर्डन ग्रीनिज (वर्ष 1984, 214* रन)
1983-84 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टेस्ट के पांचवे दिन 342 रन के लक्ष्य का पीछा किया। वेस्टइंडीज के गॉर्डन ग्रीनिज ने चौथी पारी में 214 रनों की नाबाद पारी के दौरान29 चौके और 2 छक्के लगाए और जीत दिलाई।