लंबे इंतजार के बाद भारत में गुलाबी गेंद का बिगुल बज गया, लेकिन पहली बार इस्तेमाल हो रही गुलाबी गेंद के मैच के पहले दिन गेंदबाजों का बोलबाला रहा। खैर, अभी तो यह शुरुआत है, लेकिन भारत में गुलाबी गेंद के साथ क्रिकेट के नए युग की शुरुआत के पहले दिन कई इतिहास बने।
भारतीय क्रिकेट में गुलाबी क्रांतिः पहले ही दिन दर्ज हुए 9 इतिहास
गुलाबी गेंद के साथ भारत में पहली बार कोई मैच खेला जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के चार दिवसीय मैच में युवराज सिंह की अगुवाई में इंडिया ग्रीन तो सुरेश रैना की कप्तानी में इंडिया रेड की टीम उतरी। इस मैच में दोनों टीमों में भारत के कई दिग्गज क्रिकेटरों के खेलने से मैच खासा रोचक हो गया है। आइए, जानते हैं भारतीय क्रिकेट में गुलाबी क्रांति के शुरुआती दिन बने 9 इतिहास को।
भारतीय क्रिकेट में गुलाबी क्रांतिः पहले ही दिन दर्ज हुए 9 इतिहास
पहला, इंडिया ग्रीन के कप्तान युवराज सिंह ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। भारत की धरती पर पहली गुलाबी गेंद का सामना किया श्रीकार भरत ने। लेकिन भरत पहले ओवर में कोई रन नहीं बना सके। इस तरह से पहला ओवर मेडन गया।
भारतीय क्रिकेट में गुलाबी क्रांतिः पहले ही दिन दर्ज हुए 9 इतिहास
दूसरा, इंडिया रेड के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने इस ऐतिहासिक मैच का पहला गेंद डाला और पहले ओवर मेडन डाल दिया। दूसरा ओवर भी मेडन गया। मैच के तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर भरत ने गुलाबी गेंद से पहला रन लिया। गुलाबी गेंद से पहला रन मैच की 17वीं गेंद पर सिंगल के रूप में निकला।
भारतीय क्रिकेट में गुलाबी क्रांतिः पहले ही दिन दर्ज हुए 9 इतिहास
तीसरा, मैच के पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर गुलाबी गेंद से पहला चौका निकला। यह चौका आया अभिनव मुकुंद के बल्ले से। मुकुंद ने अशोक डिंडा के ओवर में चौका लगाया।