27 अगस्त, 1908 को ऑस्ट्रेलिया के डोनाल्ड जॉर्ज ब्रेडमैन इस कदर धाकड़ बल्लेबाज थे कि उन्हें रोक पाना किसी भी गेंदबाज के लिए बेहद कठिन काम होता था। यह उनकी बल्लेबाजी ही थी जिसके कारण वह क्रिकेट जगत के सबसे बड़े डॉन बन गए। ब्रेडमैन बड़ी पारी खेलने में माहिर थे और इसका अंदाजा उनके रिकॉर्ड को देखकर लगाया जा सकता है। 20 साल के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में वह महज 52 टेस्ट मैच खेल सके। ऐसा दूसरा विश्व युद्ध शुरू हो जाने के कारण हुआ जिस कारण छह साल वह टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल सके।
वो 11 कारनामें जिसके कारण ब्रेडमैन बन गए थे क्रिकेट के डॉन
डॉन ब्रेडमैन अपने क्रिकेट जीवन के दौरान इस कदर लोकप्रिय थे कि उन्हें अभ्यास करते देखने के लिए भी लोगों में खासा उत्साह रहा करता था। उन्होंने अपने करियर में महज 52 टेस्ट मैच खेले जिसमें 6996 रन बनाए थे। उनकी बल्लेबाजी का औसत 99.94 है जो दुनिया में किसी भी बल्लेबाज की तुलना में सर्वश्रेष्ठ औसत है। ब्रेडमैन के जन्मदिन पर जानते हैं उनके करियर के वो 11 कारनामे जिसने वाकई में उन्हें वाकई में क्रिकेट का डॉन बना दिया।
वो 11 कारनामें जिसके कारण ब्रेडमैन बन गए थे क्रिकेट के डॉन
ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रेडमैन ने भारत के खिलाफ भी सिर्फ पांच टेस्ट मैच खेले जिसमें 715 रन बनाए। टीम इंडिया के खिलाफ उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 201 रन है। उनके बल्ले से इन पांच मैचों से चार शतक और एक अर्धशतक निकले थे।
वो 11 कारनामें जिसके कारण ब्रेडमैन बन गए थे क्रिकेट के डॉन
दिलचस्प बात यह है कि डॉन ब्रेडमैन ने कभी भी भारत का दौरा नहीं किया। अपनी धाकड़ बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों को परेशान करने वाले इस बल्लेबाज ने सिर्फ चार देशों के खिलाफ ही टेस्ट मैच खेला। भारत के अलावा इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने ही उनकी बल्लेबाजी का सामना किया था।
वो 11 कारनामें जिसके कारण ब्रेडमैन बन गए थे क्रिकेट के डॉन
उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी कमाल दिखाया और 50 हजार से ज्यादा रन बनाए। डॉन ने 256 प्रथम श्रेणी मैचों से कुल 669 पारियों में कमाल कर दिखाया। वह उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं जिन्होंने शतकों का दोहरा शतक भी लगाया। उन्होंने कुल 211 शतक लगाए।