तीसरे टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज की टीम इंडिया के खिलाफ बेहतर खेल दिखाती हुई दिख रही है लेकिन इस मैच में एक समय ऐसा भी था जब भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों ने मेजबान कैरेबियाई गेंदबाजों को खूब छका दिया था। इन दोनों पुछल्ले बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए शतक भी ठोंक दिया। हालांकि बाद में विंडीज टीम ने दूसरे दिन मैच में वापसी जरूर कर ली।
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आर अश्विन, साहा
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पहले दिन भारत ने 126 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे और लग रहा था कि मेहमान टीम सस्ते में आउट हो जाएगी, लेकिन आर अश्विन (118) और रिदिमान साहा (104) ने छठे विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी करते हुए न सिर्फ टीम को 300 के पार पहुंचा दिया बल्कि अपने-अपने शतक भी ठोंक दिया। हालांकि दोनों की बेजोड़ जोड़ी महज 9 रन के अंतर से नया रिकॉर्ड अपने नाम करने से चूक गई।
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रिदिमान साहा
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आर अश्विन और रिदिमान साहा ने छठे विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी की जो विदेशी धरती पर भारत की ओर से इस विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। अश्विन और साहा महज 9 रन से सबसे बड़ी साझेदारी करने का भारतीय रिकॉर्ड बनाने से चूक गए हैं।
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रिदिमान साहा
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साहा और अश्विन से पहले छठे विकेट के लिए 1996-97 में सचिन तेंदुलकर और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने केपटाउन टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 222 रनों की सबसे बड़ी भारतीय साझेदारी की थी। और अब इसे तोड़ने का शानदार मौका था, लेकिन साहा और अश्विन सिर्फ 9 रन से चूक गए। यह जोड़ी भले ही सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड अपने नाम नहीं कर सकी लेकिन एक नया रिकॉर्ड तो बना ही दिया।
ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी टेस्ट मैच में टीम इंडिया की ओर से छठे और सातवें नंबर के बल्लेबाजों ने शतक लगाने का कारनामा किया है। आर अश्विन छठे और रिदिमान साहा सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे। दोनों ने शतक ही ठोंक दिया। अश्विन ने इसी कैरेबियाई टीम के खिलाफ अपने सभी चारों शतक लगाए हैं।