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छत्तीसगढ़ में चक्रवात का तांडव: कई मार्गों पर आवागमन बंद, टूटा संपर्क, तस्वीरों में देखिये बारिश का रौद्र रूप

Sat, 26 Sep 2026 10:59 AM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Sat, 26 Sep 2026 10:59 AM IST
सार

छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दिनों से अर्नब चक्रवात का तांडव देखने को मिल रहा है। इस वजह से रायपुर संभाग, बिलासपुर, बस्तर, दुर्ग और सरगुजा संभाग में जनजीनव बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। कई मार्गों पर आवागमन बंद हो चुका है।
 

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Cyclone wreaks havoc in Chhattisgarh: Traffic halted on several routes
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar Ujala Digital
छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दिनों से अर्नब चक्रवात का तांडव देखने को मिल रहा है। इस वजह से रायपुर संभाग, बिलासपुर, बस्तर, दुर्ग और सरगुजा संभाग में जनजीनव बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। कई मार्गों पर आवागमन बंद हो चुका है। इस वजह से कई क्षेत्रों में संपर्क टूट गया है। अधिक वर्षा होने से प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। प्रदेशभर के स्कूलों में आज शनिवार को अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। 


 
Cyclone wreaks havoc in Chhattisgarh: Traffic halted on several routes
महासमुंद में बाढ़ जैसी स्थिति है। शराब दुकान की सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षाकर्मी बाढ़ में फंस गये। - फोटो : Amar Ujala Digital
दो सुरक्षाकर्मी बाढ़ में फंसे
महासमुंद जिले में दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश और गगरेल से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। नदी-नाले उफान पर हैं। महासमुंद के ग्राम बम्हनी में शासकीय शराब दुकान चारों ओर से पानी में डूबा हुआ है। शराब दुकान की सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षाकर्मी बाढ़ में फंस गये। सुरक्षाकर्मी छगन लाल कुर्रे और ईद कुमार टण्डन ने वीडियो जारी कर फंसे होने की सूचना दी। दोनों सुरक्षाकर्मियों ने वीडियो में खुद को सुरक्षित बताया। सूचना मिलते ही नगर सेना की टीम रेस्क्यू के लिए बम्हनी पहुंची। नदी किनारे के 18 गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। 

 
Cyclone wreaks havoc in Chhattisgarh: Traffic halted on several routes
बोट उतारते नगर सेना के जवान - फोटो : Amar Ujala Digital
चक्रवाती तूफान अर्नब का कहर
बंगाल की खाड़ी बने चक्रवात अर्नब ने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में भारी तबाही मचाई है। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इसके कारण कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं और एक जिले से दूसरे जिले का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। धमतरी जिले के प्रसिद्ध गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए बालोद जिले में 25 सितंबर को सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। राज्य प्रशासन ने नदी तटों और निचले इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया है।
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Cyclone wreaks havoc in Chhattisgarh: Traffic halted on several routes
धमतरी जिले के गंगरेल डैम का रौद्र रूप, पानी छोेड़ा गया। - फोटो : Amar Ujala Digital
धमतरी, बालोद  और कोरबा जिले के बांधों के गेट खोले गए
धमतरी जिले में लगातार हो रही वर्षा से जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिले के गंगरेल बांध 98 प्रतिशत से अधिक भर जाने के बाद बांध के सभी गेट खोले गए हैं। रुद्री बैराज के माध्यम से करीब 50,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इसके अलावा मुरुमसिल्ली बांध 100 प्रतिशत भर चुका है, जबकि  बालोद जिले का दुधावा और सोंढुर बांधों में जलभराव 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है। धमतरी जिला मुख्यालय के समीप बहने वाली हटकुल नदी में उफान आने से आसपास के अनेक गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कोरबा जिले का बांगों डैम से भी पानी छोड़ा गया है। ओडिशा स्थित खाटीगुडा बांध के गेट खोले जाने के बाद वहां से करीब पांच लाख घन मीटर पानी छोड़ा गया है। इसके कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और तटीय इलाकों में प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है।
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Cyclone wreaks havoc in Chhattisgarh: Traffic halted on several routes
डैम से छोड़ा गया पानी - फोटो : Amar Ujala Digital
गंगरेल बांध के 14 गेट खोले गए
जलाशयों में पानी की लगातार बढ़ती आवक और जलस्तर को देखते हुए गंगरेल बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से 2 लाख 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें रुद्री बैराज के माध्यम से 4 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी नहर में, जबकि 2 लाख 47 हजार क्यूसेक से अधिक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है जलाशय में पानी की आवक और आगामी बारिश की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। वहीं सोंढूर जलाशय से करीब 27 हजार क्यूसेक, दुधावा जलाशय से 26 हजार क्यूसेक और मुरुमसिल्ली जलाशय से 12 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। गंगरेल बांध के गेट खुलने और अन्य जलाशयों से पानी छोड़े जाने का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
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