छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की 25 वर्षीय नम्रता जैन (Namrata Jain) ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तरफ से आयोजित सिविल सेवा की परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल की है। बता दें कि दंतेवाड़ा जिला देश में नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।
नक्सली हमले के बाद बदली नम्रता की जिंदगी, सिविल सेवा परीक्षा में हासिल की 12वीं रैंक
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जिले के गीदम प्रांत की निवासी नम्रता जैन (Namrata Jain) ने 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में 99वीं रैंक हासिल की थी। उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए हुआ था और वह फिलहाल हैदराबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं।
नम्रता जैन ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'मैं हमेशा से कलेक्टर बनना चाहती थी। जब मैं आठवीं कक्षा में थी, एक महिला अधिकारी मेरे स्कूल आई थी। बाद में मुझे पता चला कि वह कलेक्टर थी। मैं उनसे काफी प्रभावित हुई। उसी वक्त मैंने तय कर लिया था कि मैं भी कलेक्टर बनूंगी।'
जैन ने कहा कि कुछ समय पहले उनके कस्बे में एक पुलिस स्टेशन में नक्सलियों ने विस्फोट कर दिया था जिसने उन्हें सिविल सेवा में शामिल होकर गरीबों की सेवा करने और माओवाद प्रभावित क्षेत्र में विकास लाने के लिए प्रेरित किया था।
(इनपुटः पीटीआई)