कार एक लग्जरी उत्पाद मानी जाती है इसलिए सामान्य तौर पर इसके लोन पर टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता है। लेकिन अगर आप पेशेवर हैं या अपनी कार का इस्तेमाल कारोबार के लिए करते हैं तो आयकर अधिनियम के तहत रिटर्न में दावा कर सकते हैं। कर छूट के लिए किस तरह दावा करें, पेश है प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट-
क्लीयरटैक्स के संस्थापक और सीईओ अर्चित गुप्ता ने बताया कि अगर आप कार लोन पर टैक्स छूट का दावा करना चाहता हैं, तो यह जरूरी है कि इसका इस्तेमाल कारोबारी काम में ही किया जाए। मसलन, आप इसे किराये पर चलाते हैं, ट्रेवल एजेंसी में इस्तेमाल करते हैं या कारोबार के काम से खुद चलाते हैं। अगर पेशेवर हैं तो भी आप कार लोन पर सालाना दिए जाने वाले ब्याज के बराबर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। इसके लिए दिए गए ब्याज की रकम को रिटर्न भरते समय कारोबार की लागत के तौर पर दिखाना होगा।
तेल और रखरखाव पर भी लाभ
सालाना इस्तेमाल ईंधन और कार के रखरखाव पर हुए खर्च को भी आयकर छूट में शामिल कर सकते हैं। कार के खरीद मूल्य में सालाना आने वाली कमी यानी डेप्रिसिएशन कॉस्ट पर भी रियायत ले सकते हैं। हालांकि, ईंधन पर निश्चित रकम तक ही छूट है और डेप्रिसिएशन कॉस्ट भी कार के मूल्य का 15-20% होता है। अगर आपकी सालाना आय 10 लाख है और 70 हजार रुपये कार लोन का ब्याज देते हैं, तो आयकर गणना 9.30 लाख पर होगी। इसमें डेप्रिसिएशन और ईंधन शामिल नहीं है।
इन बातों का रखें ख्याल
- कार का इस्तेमाल कारोबारी उद्देश्य में नहीं होता है तो क्लेम खारिज हो सकता है
- क्लेम के लिए बैंक से इंट्रेस्ट सर्टिफिकेट जरूर लें, यह प्रमाण के तौर पर देना पड़ सकता है
- कार संबंधित कारोबार या उसके मालिक के नाम पर ही पंजीकृत होनी चाहिए
कार खरीदने के लिए बाजार में हैं लोन के कई विकल्प
कोरोना के दौरान अगर आप नई कार खरीदना चाहते हैं तो कार लोन के लिए बाजार में कई विकल्प हैं। आमतौर पर बैंक तीन से पांच साल के लिए कार लोन देते हैं। कुछ बैंक सात साल के लिए यह लोन मुहैया कराते हैं। जानिए कौन सा बैंक कितने ब्याज पर कार लोन दे रहा है -
क्लेम में बरतें सावधानी...
करदाता इस बात का ध्यान रखें कि क्लेम के समय आयकर अधिकारी कार के कारोबार में इस्तेमाल होने का प्रमाण मांग सकता है। अगर किसी ने झूठा दावा पेश किया है तो क्लेम खारिज होगा और कार्रवाई भी हो सकती है। -बलवंत जैन, कर एवं निवेश विशेषज्ञ