शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के पास बचत के परंपरागत साधनों का ही विकल्प बचता है। वहीं, रेपो रेट में लगातार कटौती से सभी बैंक एफडी जैसी जमाओं पर भी ब्याज घटाते जा रहे हैं। ऐसे में अपरिवर्तनीय ऋण पत्र (एनसीडी) पर अभी भी 11 फीसदी तक ब्याज हासिल किया जा सकता है। इस समय बाजार में कई गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां अपना एनसीडी ला रही हैं, जहां निवेश कर आप पीपीएफ, एफडी से कहीं ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं।
यहां करेंगे निवेश तो मिलेगा 11 फीसदी का रिटर्न, PPF-NSC भी हैं इसके आगे बौने
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निश्चित अवधि पर मिलता है ब्याज
एनसीडी एक तरह से बैंक एफडी का विकल्प है जो बैंकों की बजाय कॉरपोरेट कंपनियां या एनबीएफसी जारी करती हैं। कंपनियां बाजार से पैसे जुटाने के लिए इसे शेयरों की तरह ही जारी करती हैं और इसमें निवेश करने पर तिमाही, छमाही, सालाना या एक निश्चित अवधि के बाद ब्याज मिलता है। इसके लिए कंपनियों को पूंजी बाजार नियामक सेबी से अनुमति लेनी पड़ती है और इसे प्रमुख शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराया जाता है। एनसीडी को शेयरों में तब्दील नहीं किया जा सकता, जबकि कन्वर्टिबल डिबेंचर्स को शेयरों में बदला जा सकता है।
बाजार में आ रहे कई विकल्प
इस समय कई कंपनियों के एनसीडी ऑफर खुले हैं, जिनमें सबसे आकर्षक ब्याज दर मुत्थूट फिनकॉर्प का है। मुत्थूट पप्पाचन समूह की प्रमुख कंपनी मुत्थूट फिनकॉर्प निवेशकों को 11.03 फीसदी तक ब्याज की पेशकश करती है। हालांकि, इसकी क्रेडिट रेटिंग कम है। रेटिंग एजेंसी बिकवर्क ने इसे ए-प्लस रेटिंग दी है। कंपनी ने बीते 20 सितंबर को एनसीडी का निर्गम खोला है, जो आगामी 18 अक्तूबर को बंद होगा।
मुत्थूट फाइनेंस का भी एनसीडी बीते 27 सितंबर को खुला है और 30 अक्तूूबर को बंद होगा। इस एनसीडी को रेटिंग एजेंसी क्रिसिल और इक्रा ने एए रेटिंग दी है। इसमें मासिक आधार पर 9.75 फीसदी ब्याज जबकि 60 महीने के निवेश पर 10 फीसदी ब्याज मिलेगा। मणप्पुरम होम फाइनेंस का एनसीडी 30 सितंबर को खुला है और 29 अक्तूूबर को बंद होगा। केयर रेटिंग्स ने इसे एए की रेटिंग दी है। इसमें निवेश के सात विकल्प हैं, जिस पर 9.75 फीसदी से 10.75 फीसदी तक का ब्याज मिलेगा।
बैंकों में मिल रहा कम ब्याज
बैंकों की तरफ देखें तो इस समय सरकारी बैंकों के अगुवा एसबीआई पांच साल के एफडी पर 6.25 फीसदी ब्याज दे रहा है। इसी अवधि के एफडी पर निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक 6.75 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक 6.90 फीसदी और यस बैंक 7.25 फीसदी का ब्याज दे रहा है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में कंपनियों ने एनसीडी से 7,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 67 फीसदी कम है। बताया जा रहा है कि बाजार में पर्याप्त तरलता नहीं होने की वजह से लोग कम निवेश कर रहे हैं।