तेजस ट्रेन के यात्रियों को विलंब होने पर मिलेगा बीमा क्लेम, जानिए कितनी है राशि
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं क्लेम
दिल्ली-लखनऊ तेजस ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी और सिर्फ बृहस्पतिवार को इसका संचालन बंद रहेगा। इस ट्रेन में भी फ्लेक्सी फेयर की तर्ज पर टिकट की बुकिंग होगी। अगर ट्रेन देरी से पहुंचती है या चलती है, तो आईआरसीटीसी खुद रिफंड नहीं करेगा, बल्कि यात्रियों को रिफंड पाने के लिए क्लेम करना होगा। यह क्लेम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। आइए जानते हैं 25 लाख के बीमा और रिफंड के बारे में।
मुफ्त मिलेगा 25 लाख रुपये का बीमा
आईआरसीटीसी ने ट्रेन की देरी पर रिफंड के लिए दो श्रेणियां तय की हैं। अगर ट्रेन एक घंटे से ज्यादा लेट होती है तो प्रति यात्री 100 रुपये का रिफंड दिया जाएगा, जबकि दो घंटे से ज्यादा की देरी पर 250 रुपये का रिफंड मिलेगा। इस ट्रेन में तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा नहीं दी जा रही है। हालांकि, आईआरसीटीसी हर यात्री को 25 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और एक लाख रुपये का सामान खोने, डकैती या चोरी हो जाने पर बीमा मुफ्त में दे रही है। अगली स्लाइड में जानते हैं आप इसके लिए कैसे क्लेम कर सकते हैं।
बीमा कंपनी से ऐसे मिलेगा रिफंड
- आईआरसीटीसी का कहना है कि अगर ट्रेन लेट होती है तो यात्रियों को उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन लिंक में बीमा कंपनियों की ओर से दिए गए क्लेम फॉर्म को भरना होगा।
- इसमें यात्रा का विवरण, ट्रेन लेट होने की अवधि अपने पीएनआर और बैंक खाते के साथ पूरी जानकारी देनी होगी।
- इसके बाद बीमा कंपनी रिफंड की राशि सीधे यात्रियों के खाते में डाल देती है।
- यात्री चाहें तो ऑफलाइन तरीके से रेलवे के टोल फ्री नंबर पर फोन करके भी रिफंड के लिए दावा पेश कर सकते हैं।
बेहद काम की है ये जानकारी
- अगर यात्री ट्रेन छूटने के चार घंटे पहले टिकट कैंसिल कराता है, तो लिपिकीय कार्य के लिए 25 रुपये का शुल्क कटेगा। अन्य ट्रेनों के लिए रेलवे एसी क्लास में यह शुल्क 65 रुपये वसूलता है।
- अगर आपका वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता है, तो आईआरसीटीसी पूरा किराया वापस कर देगी।
- ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले अगर यात्री का आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट चार्ट बनने के बाद कैंसिल हो जाता है, तो आईआरसीटीसी टिकट का पूरा पैसा वापस कर देगी।