कोरोना वायरस महामारी से जारी संकट के बीच कारोबारियों और नागरिकों को कर्ज भुगतान में राहत देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों से तीन महीने ईएमआई नहीं वसूलने का आग्रह किया था। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी समेत कई बैंकों ने सभी तरह के लोन की किस्तों में तीन माह की रोक लगाने के बारे में जरूरी निर्देश देना शुरू कर दिए हैं और अपने ग्राहकों को 1 मार्च से 31 मई तक कर्ज की ईएमआई वसूलने में राहत देनी शुरू कर दी है।
तीन महीने तक टाली EMI, तो 30 लाख के लोन पर देना होगा 2.34 लाख का अतिरिक्त ब्याज
इस संदर्भ में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को उदाहरण देते हुए इसकी जानकारी दी है।
30 लाख रुपये के होम लोन पर 2.34 लाख अतिरिक्त ब्याज
अगर किसी ग्राहक का होम लोन 30 लाख रुपये है और इसे लौटाने की अवधि 15 साल बची हुई है, तो तीन महीने की मोहलत अवधि का विकल्प लेने पर 2.34 लाख रुपये के करीब अतिरिक्त ब्याज लगेगा। यह ब्याज आठ ईएमआई के बराबर है।
अगली स्लाइड में जानते हैं छह लाख के वाहन लोन पर कितना असर पड़ेगा।
छह लाख के वाहन लोन पर 19000 रुपये अतिरिक्त ब्याज
इसी प्रकार, अगर ग्राहक ने छह लाख रुपये का वाहन लोन ले रखा है और उसे लौटाने के लिए 54 महीने का समय बचा है तो छूट अवधि का विकल्प चुनने पर उसे 19,000 रुपये अतिरिक्त ब्याज देना होगा, जो 1.5 अतिरिक्त ईएमआई के बराबर है।
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लोन अवधि बढ़ेगी, ब्याज की बाद में होगी वसूली
मालूम हो कि लोन की अवधि तीन महीने तक बढ़ने के बाद भी इन तीन महीने के दौरान लगने वाला ब्याज वसूला जाएगा। आगे की ईएमआई के साथ ब्याज जोड़ दिया जाएगा। वहीं पुराने बकाए का भुगतान नहीं टाला जाएगा और भुगतान न करने पर पेनल्टी लगेगी।
क्रेडिट स्कोर पर नहीं पड़ेगा असर
साथ ही आपको बता दें कि अगर आप तीन महीने किस्त न चुकाने का विकल्प चुनते हैं, तो आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। अगर आप 1 मार्च 2020 से 31 मई 2020 के बीच टर्म लोन की किस्त स्थगित करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको बैंक को सूचित करना होगा।