कोरोना वायरस महामारी ने 2020 में लोगों को बहुत परेशान और चिंतित रखा है। इसकी वजह से सभी क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। निवेशक भी मुनाफे को लेकर परेशान हैं। कल से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है। इसलिए हम आपको निवेश और बचत के चार ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनके माध्यम से आप नए वित्त वर्ष में वित्तीय संकटों से बच पाएंगे।
FY 2021-22: काम की बात: कल से हो रही है नए वित्त वर्ष की शुरुआत, संकटों से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
इमरजेंसी फंड का करें इंतजाम
आपको ध्यान रखना चाहिए कि किसी इमरजेंसी में खर्च के लिए आपके पास अतिरिक्त राशि की व्यवस्था रहे। इमरजेंसी अगर सेहत को लेकर हो, तो आपको और भी ज्यादा ध्यान देना होगा। भविष्य में अगर किसी कारण आपकी सेहत बहुत बिगड़ जाती है, तो इसके लिए आपके पास फंड का होना बेहद आवश्यक है। फाइनेंशियल प्लानर्स के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को अपनी सैलरी का 80 फीसदी ही खर्च करना चाहिए और 20 फीसदी बचा के रखना चाहिए। जो पैसा आपने जमा किया हुआ है, उसको आप एक लिमिट में निकालकर अपने खर्च को बिगड़ने से बचा सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद के लिए आपके पास सेहत के अतिरिक्त अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए भी पैसे जुड़े होने चाहिए।
जरूर खरीदें स्वास्थ्य बीमा
कोरोना महामारी के समय में स्वास्थ्य बीमा नहीं लेना ठीक वैसे ही है जैसे बिना मास्क के बाहर जाना। महामारी के दौर में अपने और परिवार की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य बीमा जरूर लें। इससे न सिर्फ अस्पतालों के भारी-भरकम खर्च से राहत मिलेगी, बल्कि आप पर वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा। इसलिए वर्ष 2021 में कदम रखते हुए अपने और अपने परिवार के इमरजेंसी मेडिकल खर्चों को कवर करने के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा और महत्वपूर्ण बीमा योजनाएं खरीदना सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय कदम है।
जरूरी है रिटायरमेंट की प्लानिंग
नौकरी करते समय हम मकान, गाड़ी खरीदने और बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए ही पूंजी जुटाने में व्यस्त रहते हैं और खुद के लिए योजना बनाने का समय ही नहीं मिलता। लिहाजा आपको यह समझना होगा कि रिटायरमेंट पूंजी जमा करना भी अन्य लक्ष्यों जितना महत्वपूर्ण है। अगर इसमें देरी होती है तो पर्याप्त पूंजी एकत्र करना संभव नहीं होगा और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ सकता है। इस लक्ष्य के लिए जितनी जल्दी हो सके अपने निवेश की शुरुआत कर दें।
समय पर शुरू करें निवेश
कई लोग निवेश के बारे में नहीं सोचते हैं और इस कारण वो कीमती समय निकल जाता है जिसमें किया गया निवेश काफी अच्छे रिटर्न दे सकता था। जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। वैसे तो भारत में लगभग हर किसी ने निवेश कर रखा है, लेकिन कुछ महिलाएं अब भी हैं जो कोई प्लानिंग नहीं करती हैं। उनका पैसा बैंक में ही जमा रहता है। ऐसे में अगर वो किसी इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश करते हैं, तो उनको अपने जरूरी खर्च निकालने के साथ-साथ पॉलिसी का प्रीमियम देने में कोई दिक्कत नहीं होगी।