नोटबंदी से परेशान हुए मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले मिडिल क्लास को 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से काफी उम्मीदें हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली कई तरह से ऐसे लोगों को फायदा दे सकते हैं, जो समय पर अपना टैक्स भरते हैं। ऐसी उम्मीद है कि वित्त मंत्री मिडिल क्लास के लिए कई सारी टैक्स सहूलियतों की घोषणा कर सकते हैं, जिससे आगे चलकर उनकी सेविंग बढ़ेगी और इकोनॉमी को ग्रोथ मिलेगी।
टैक्सेबल इनकम का बढ़ेगा दायरा
वित्त मंत्री अरुण जेटली टैक्सेबल इनकम का दायरा बढ़ा सकते हैं। अभी 2.5 लाख रुपये की सालाना इनकम पर किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। इससे ऊपर इनकम होने पर टैक्स देना होता है। अगर यह दायरा बढ़ता है तो मिडिल क्लास के हर वर्ग को इसका फायदा मिलेगा।
टैक्स स्लैब में होगा बदलाव
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- फोटो : income tax
टैक्सेबल इनकम का दायरा बढ़ाने के साथ वित्त मंत्री टैक्स स्लैब में भी बदलाव कर सकते हैं। अभी 2.5 लाख से 5 लाख रुपये की इनकम पर 10 फीसदी टैक्स लगता है। 5 लाख से ऊपर और 10 लाख रुपये तक 20 फीसदी टैक्स लगता है, जबकि इससे ऊपर की इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है। मिडिल क्लास को उम्मीद है कि वित्त मंत्री शुरुआत के दो स्लैब में बदलाव कर सकते हैं।
एलाउंस पर बढ़ सकती है छूट
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भारत में सिर्फ 5430 लोग ही एक करोड़ रुपए से अधिक का आयकर देते हैं।
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वित्त मंत्री सैलरी क्लास को मिलने वाले कई तरह के एलाउंस पर छूट को बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। इनके जरिए सैलरी क्लास को इनकम टैक्स पर काफी छूट मिल सकती है। सैलरी क्लास को कई सारे एलाउंस मिलते हैं, जिनमें बच्चों की ट्यूशन फीस, आने-जाने का खर्च, मेडीकल सुविधाएं, हाउस रेंट और लीव ट्रेवल एलाउंस (एलटीए) मिलता है। इन एलाउंस को कई साल से बढ़ाया नहीं गया है, जिसकी वजह से इनके बढ़ने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि बढ़ती महंगाई के दौर में इनकी लिमिट बेमानी हो गई है।
सेक्शन 80सी में मिलने वाली छूट का बढ़े दायरा
इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत अभी तक 1.5 लाख रुपये से लेकर के 3 लाख रुपये तक छूट मिलती है। अगर जेटली इस छूट को और बढ़ाने की घोषणा अपने बजट भाषण में करते हैं, तो इससे लोगों को काफी सेविंग करने में मदद मिलेगी।