आम बजट आज पेश होने वाला है। नोटबंदी के बाद देश की आर्थिक वृद्धि पर असर, जीएसटी, नौकरी समेत कई ऐसे बिंदु हैं जो इस बार के बजट में खास होने वाले हैं।
इस बार रेल बजट भी आम बजट के साथ ही पेश किया जाना है। 2017 बजट में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। साथ ही कई नए एक्ट भी जोड़े जाने है, जिनका फायदा आम लोगों को मिल सके। जानते हैं उन प्रमुख बिंदुओं के बारे में जो इस बार के बजट में आम आदमी को प्रभावित कर सकते हैं।
नोटबंदी
8 नवंबर 2015 को सरकार ने अचानक से फैसला लेकर के पूरे देश में 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया था। सरकार के इस फैसले का विपक्षी दलों ने काफी विरोध किया था।
अब नोटबंदी के बाद, सरकार कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने और कैश ट्रांजेक्शन को कम करने के लिए बजट में घोषणा कर सकती है। ऐसा अनुमान है कि वित्त मंत्री कार्ड और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शन पर टैक्स छूट और इंसेंटिव का ऐलान कर सकते हैं। कुछ एक्सपर्टस का मानना है कि वित्त मंत्री बैंकों से पैसे निकालने पर भी टैक्स लगा सकते हैं।
वस्तु और सेवा कर (जीएसटी)
केंद्र सरकार की महत्तवाकांक्षी योजाना जीएसटी की अप्रैल 2017 में लागू होने की उम्मीदें कम दिख रही हैं। ऐसे में वित्त मंत्री अरुण जेटली 2017 के बजट में जीएसटी लागू करने की अगली तिथि की घोषणा कर सकते हैं। जीएसटी, जिसको देश के टैक्स स्ट्रक्चर में एक अहम बदलाव के रुप में माना जा रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद देश भर में वस्तुओं पर एक टैक्स का लागू हो जाएगा जिससे देश में एक कॉमन नेशनल मार्केट का निर्माण होगा।
इन्कम टैक्स
जीएसटी के बाद, डायरेक्ट टैक्स बजट का मुख्य बिंदु होगा। उम्मीद है कि इन्कम टैक्स स्लैब और रेट को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली फिक्सड डिपॉजिट, इन्शयोरेंस प्रीमियम और 1.5 लाख से 2 लाख के म्युचुअल फंड में टैक्स ब्रेक को बढ़ा सकते हैं। सरकार लोगों को बढ़ावा दे रही है कि वे घर में कैश का स्टॉक करने के बजाए उसे बैंकिंग सिस्टम में लेकर आएं।
कॉर्पोरेट टैक्स
सरकार कॉर्पोरेट टैक्स रेट में 1.25-1.5 फीसदी की कटौती करके उसे 28.75-28.5 फीसदी के बीच में करने की घोषणा कर सकती है। 2015 के बजट में सरकार ने पहली बार इसके बारे में घोषणा की थी। सरकार ने अपने इस कदम से टैक्स नियमों में बदलाव का संकेत दे दिया था।