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कैदियों की किल्लत से बंद हो जाएंगी इस देश की जेलें, पड़ोसी देश से उधार लिए अपराधी

Fri, 30 Oct 2020 11:38 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Fri, 30 Oct 2020 11:38 AM IST
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zero crime rate in netherlands and norway no prisoners in jail
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

चोरी, डकैती समेत अन्य अपराधों के लिए सजा देने के लिए दोषियों को जेल में रखा जाता है। लेकिन जेल का नाम लेते ही मन में कई तरह के सवाल पैदा होने लगते हैं। कैदियों को खाने-पीने से लेकर वहां रहने की व्यवस्था समेत कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक ओर दुनियाभर के तमाम देशों में पराध बढ़े हैं, तो वहीं नीदरलैंड एक ऐसा देश बन गया है, जहां की जेलें बंद होने की कगार पर हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह....

zero crime rate in netherlands and norway no prisoners in jail
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

नीदरलैंड के जेलों को बंद होने की वजह वहां का लो क्राइम-रेट है। इसके साथ ही अगर कोई कैदी जेल जाता है, तो उसे जल्दी से जल्दी बाहर निकालकर समाज से जोड़ने की मुहिम शुरू हो जाती है। इसी वजह से लगभग नीदरलैंड्स की सारी जेलें बंद हो चुकी हैं। वहीं डच देश में हुई स्टडी में यह बात सामने आई कि यहां हर 1 लाख की आबादी पर केवल 61 लोग ही अपराध करते हैं। इतना ही नहीं इन अपराधियों पर कोई गंभीर आरोप नहीं होता है।

zero crime rate in netherlands and norway no prisoners in jail
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

अगले तीन सालों में इतने रह जाएंगे अपराधी
नीदरलैंड की वर्तमान आबादी लगभग 1.73 करोड़ है। आबादी को ध्यान में रखते हुए यहां के जस्टिस विभाग ने अनुमान लगाया कि साल 2023 तक पूरे देश में कुल मिलाकर 9,810 अपराधी हो सकते हैं। बता दें कि कैदियों की ये संख्या अधिकतम मानी जा रही है।

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zero crime rate in netherlands and norway no prisoners in jail
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

पड़ोसी देश भेज रहा अपने कैदी
नीदरलैंड में जेलों की हालात ऐसी हो गई है कि पड़ोसी देश नार्वे से कैदी भेजे रहे रहे हैं। असल में नार्वे में अपराध की दर काफी ज्यादा है। बता दें कि ये व्यवस्था साल 2015 में शुरू हुई। क्योंकि नार्वे के पास अपने कैदियों को रखने की जगह कम पड़ रही है। हालांकि इन देशों के कैदियों को काफी बेहतर ढंग से रखा जाता है और खानपान का भी सही बंदोबस्त होता है। कैदियों को मिलने वाली सुविधाओं को मानवाधिकार के लिहाज से जरूरी माना जाता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

जेल भेजने की बजाए इस तरह की सजाएं
नीदरलैंड की जेलों में कैदियों की कम संख्या के पीछे एक वजह ये भी है कि यहां अपराध पर जेल की सजा देने की बजाए कई दूसरी सजाओं को तरजीह दी जाती है। जैसे जुर्माना भरना या सोशल वर्क से जुड़ा कोई काम। अस्पतालों या सरकारी दफ्तरों में काम करने की सजा भी अपराधियों को मिलती है। इस वजह से जेल में कैदियों की संख्या कम हो जाती है।

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