भुलक्कड़ों का ये अनोखा रेस्त्रां, यहां भड़कना है मना
यहां पर आये मिजुहा कोदों नाम के एक कस्टमर ने हंसते हुए बताया ‘हमें जब यह पता चला कि टोक्यो में एक ऐसा रेस्त्रा हैं जहां पर हम अपने आर्डर के हिसाब से खाना बिल्कुल भी नहीं खा सकते। जो वेटर लाएगा वह हमें खाना पड़ेगा। तो हमने इसे आजमाना चाहा। और वाकई ये अनुभव मजेदार था।’ दरअसल इस रेस्त्रां का पहला मकसद डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी का सामना करने वाले लोगों को वेटर बनाकर ये एहसास दिलाना है कि ये भी समाज का हिस्सा हैं। और यहां आने वाले कस्टमर को यह बताना कि इतना मुश्किल भी नहीं इन भोले भुलक्कड़ों से डील करना।
अपनी मर्जी का तो रोज खाते हैं कभी इन वेटर की मर्जी का भी खायें क्या पता आपको ज्यादा मजा आ जाये। कुल मिलाकर लोगों को ये डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारी के बारे में जागरुक करने में यह रेस्त्रां लगा हुआ है। देखते हैं यह भुलक्कड़ वेटरों वाला यह रेस्त्रां कितना सफल होगा। फिलहाल तो यह लोगों का दिल जमकर जीत रहा है। इस रेस्टोरेंट का कंसेप्ट भी है निराला टैक्सास का ‘हग्स कैफे’ भी बिल्कुल हटकर है। यहां के वेटर ही स्पेशल नहीं है बल्कि पूरा स्टाफ दूसरों से हटकर है।
दरअसल यहां डाउन सिंड्रोम का सामना कर रहे लोगों को स्टाफ में रखा जाता है। डाउन सिंड्रोम यानी ऐसी मानसिक बीमारी जिसमें बुद्धि का विकास उम्र के मुकाबले धीरे-धीरे होते है। हालांकि इनकी मदद के लिये यहां दूसरे लोग भी मौजूद रहते हैं। कैफे के फाउंडर ने बताया कि ऐसे लोग अपने आपको नाकाबिल समझने लगते हैं। अलग थलग रहने लगते हैं। लेकिन सच तो यह है कि यह हमारा हिस्सा हैं, यह महसूस कराना हमारा काम है।