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देश का सबसे अनोखा रेलवे स्टेशन, दो राज्यों में बंटा है बेंच, बैठने से पहले संभल जाएं

Sat, 05 May 2018 11:43 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 05 May 2018 11:43 AM IST
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Half Of This Railway Station Is In Gujarat and the other half in the Maharashtra
navapur railway station
यह कहानी है एक ऐसे रेलवे स्टेशन की जिसका एक भाग गुजरात में और दूसरा महाराष्ट्र की सीमा में हैं। आप सोच भी नहीं सकते कि दो राज्यों की अलग-अलग सीमाओं में बटे इस स्टेशन में क्या-क्या खास हो सकता है। चलिए बताते हैं... 


दरअसल, गुजरात-महाराष्ट्र की सीमा को छूने वाला यह इकलौता रेलवे स्टेशन है। यहां स्टेशन पर एक बेंच ऐसी भी है, जिसका आधा भाग महाराष्ट्र और आधा भाग गुजरात में है। इस बेंच पर बैठने वालों को ये ध्यान में रखना होता है कि वे किस राज्य में बैठे हैं। यहां टिकट खिड़की महाराष्ट्र में और स्टेशन मास्टर गुजरात में बैठते हैं। यही नहीं इस स्टेशन पर चार अलग-अलग भाषाओं रेलवे एनाउंसमेंट होता है। इस स्टेशन का नाम है 'नवापर'... 

नवापुर रेलवे पुलिस स्टेशन, केंटरिंग, टिकट विंडो, महाराष्ट्र राज्य के नंदूरबार जिले के नवापुर में आते हैं और स्टेशन मास्टर, वेटिंग रूम, पानी की टंकी और शौचालय गुजरात राज्य के तापी जिले के उच्छल में स्थित हैं। इस स्टेशन पर आने वाली रेलगाड़ियों का एक हिस्सा महाराष्ट्र और दूसरा हिस्सा गुजरात में होता है।
Half Of This Railway Station Is In Gujarat and the other half in the Maharashtra
navapur railway station
इस रेलवे स्टेशन की सबसे अजीब बात है दोनों की सीमाओं में लागू होने वाले अलग-अलग कानून। जी हां, गुजरात में शराब की बिक्री पर रोक है, तो महाराष्ट्र में पान मसाला और गुटखा पर। स्टेशन पर गुजरात वाले भाग में गुटखे की बिक्री पर अपराध नहीं बनता, लेकिन अगर गलती से भी कोई इसे बेचते-बेचते महाराष्ट्र की सीमा पर चला गया तो अपराधी हो जाता है।

ठीक ऐसे ही महाराष्ट्र में शराब और बीयर की बिक्री की जा सकती है, लेकिन गुजरात में यह बैन है। अगर गुजरात वाले भाग में कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो वह अपराधी हो जाता है। कई बार ऐसा भी होता है कि दूसरे राज्य की सीमा में क्राइम करने के बाद अपराधी दूसरे राज्य के भाग में प्रवेश कर जाता है। ऐसी स्थिति में यहां पुलिस और अपराधियों के बीच आंख-मिचौली का खेल देखने को मिलता है।

ज्ञात हो नवापुर रेलवे स्टेशन पश्चिम विभाग के सूरत-भुसावल रेलवे लाइन पर स्थित है। सूरत-भुसावल डबल इलेक्ट्रिक रेलवे लाइन है। इसका सबसे अधिक फायदा महाराष्ट्र और गुजरात के व्यापारी उठाते हैं। सूरत में कपड़ा, हीरा उद्योग है, बड़ी-बड़ी टेक्सटाइल मिलें हैं।
Half Of This Railway Station Is In Gujarat and the other half in the Maharashtra
navapur railway station
कपड़ा व्यापारियों के लिए तो यह स्टेशन खास है ही। इसके अलावा यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में बोगी भरकर उकई की मछली पश्चिम बंगाल जाती है। नवापुर रेल्वे स्टेशन में 24 घंटे में कुल 200 ट्रेनें गुजरती हैं। स्वच्छता के नाम पर इस रेलवे स्टेशन को कई बार इनाम मिला है।

हालांकि इस स्टेशन पर दिनभर में गिनीचुनी ट्रेनें ही आती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें इस स्टेशन पर 20 ट्रेनें ठहरती हैं। इन ट्रेनों में आम यात्रियों के अलावा ज्यादातर व्यापारी होते हैं। 

यह स्टेशन इतना खास बन गया है कि लोग नवापुर स्टेशन की विशेषता को देखते हुए यहां आकर तरह-तरह से सेल्फी लेते हैं। एक ही परिवार के कुछ सदस्य गुजरात और कुछ सदस्य महाराष्ट्र की सीमा पर बैठकर नाश्ता करते हैं।
 
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Half Of This Railway Station Is In Gujarat and the other half in the Maharashtra
navapur railway station
तो कोई सीमा रेखा पर लेटकर खुद की प्रेसेंस एकसाथ दो राज्यों के भीतर दिखाता है। ऐसा गजब का माहौल अापको और कहीं शायद ही देखने को मिले। इस रेलवे स्टेशन पर कभी कोई दुर्घटना होती है, तब दोनों राज्यों की पुलिस के बीच विवाद भी होता है।

यदि किसी ने ट्रेन के सामने आकर सुसाइड कर लिया, तो दोनों राज्यों की पुलिस उसे अपने राज्य की घटना नहीं मानती। ऐसे में विवाद होना स्वाभाविक है। इस रेलवे स्टेशन में हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी में एनाउंसमेंट होता है।

सूचनाएं भी 4 भाषाओं में लिखी जाती है। इसके अलावा मोबाइल रोमिंग की समस्या बनी रहती है। नवापुर रेलवे स्टेशन की कुल लम्बाई 800 मीटर है। महाराष्ट्र में 300 मीटर और गुजरात में 500 मीटर।
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navapur railway station
इस रेलवे स्टेशन पर कभी कोई दुर्घटना होती है, तब दोनों राज्यों की पुलिस के बीच विवाद भी होता है। यदि किसी ने ट्रेन के सामने आकर सुसाइड कर लिया, तो दोनों राज्यों की पुलिस उसे अपने राज्य की घटना नहीं मानती।

ऐसे में विवाद होना स्वाभाविक है। इस रेलवे स्टेशन में हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी में एनाउंसमेंट होता है। सूचनाएं भी 4 भाषाओं में लिखी जाती है। इसके अलावा मोबाइल रोमिंग की समस्या बनी रहती है।
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