जेसीबी मशीन तो आपने देखी ही होगी। इसका इस्तेमाल दुनिया में लगभग हर जगह होता है। आमतौर पर जेसीबी का काम खुदाई का होता है। कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर भी 'जेसीबी की खुदाई' खूब वायरल हुई थी। ये तो आप जानते ही होंगे कि जेसीबी पीले रंग की होती है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि ये मशीन आखिर पीले रंग की ही क्यों होती है, किसी और रंग की क्यों नहीं?
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जेसीबी मुख्यालय
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जेसीबी के रंग के बारे में जानने से पहले इस मशीन के बारे में कुछ अनोखी बातें भी हम जान लेते हैं। दरअसल, जेसीबी ब्रिटेन की मशीन बनाने वाली एक कंपनी है, जिसका मुख्यालय इंग्लैंड के स्टैफर्डशायर शहर में है। इसके प्लांट दुनिया के चार महाद्वीपों में हैं।
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जेसीबी कंपनी के संस्थापक जोसेफ सायरिल बमफोर्ड
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जेसीबी दुनिया की पहली ऐसी मशीन है, जो बिना नाम के साल 1945 में लॉन्च हुई थी। इसको बनाने वाले ने बहुत दिनों तक इसके नाम को लेकर सोच-विचार किया, लेकिन कोई अच्छा सा नाम न मिलने के कारण इसका नाम इसके आविष्कारक 'जोसेफ सायरिल बमफोर्ड' के नाम पर ही रख दिया गया।
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जेसीबी मशीन
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आपको जानकर हैरानी होगी कि जेसीबी पहली ऐसी निजी ब्रिटिश कंपनी थी, जिसने भारत में अपनी फैक्ट्री लगाई थी। आज के समय में जेसीबी मशीन का पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा निर्यात भारत में ही किया जाता है।
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जेसीबी टिपिंग ट्रेलर
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साल 1945 में जोसेफ सायरिल बमफोर्ड ने सबसे पहली मशीन एक टीपिंग ट्रेलर (सामान ढोने वाला ट्रेलर) बनायी थी, जो उस वक्त बाजार में 45 पौंड यानी आज के हिसाब से करीब 4000 रुपये में बिकी थी।