Zara Hatke: बरमूडा ट्रायंगल समुद्र का एक बहुत ही रहस्मयी हिस्सा है। पिछले 50 सालों में लगभग 50 पानी के जहाज और लगभग 20 विमान यहां से गायब हो चुके हैं। बरमूडा ट्रायंगल अटलांटिक महासागर का एक रहस्यमयी क्षेत्र है। यह एक ऐसा एरिया है जो अमेरिका के फ्लोरिडा से लेकर प्यूर्टो रिको और ऊपर बरमूडा देश के बीच त्रिकोण क्षेत्र बनाता है। बरमूडा ट्रायंगल की कहानी कई सौ साल पुरानी है। इतिहास में पहली कहानी 1498 में देखने को मिलती है, जब क्रिस्टोपस कोलंबस ने अपनी किताब में इसका जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि जब वो इस रास्ते से गुजर रहे थे, तो उन्होंने बरमूडा ट्रायंगल के पास कुछ रहस्यमयी गतिविधियां देखी थीं, जैसे उनके जहाज का असंतुलित होना, दिशा सूचक यंत्र (मैगनेटिक कंपास) की दिशा भी बदलने लगी थी। इस घटना के अलावा भी समय-समय पर कई नामचीन लोगों ने इस जगह को लेकर बहुत कुछ दावा किया है। इसलिए बरमूडा ट्रायंगल का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर और उत्सुकता पैदा हो जाती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि वहां होने वाली घटनाओं के पीछे क्या वैज्ञानिक कारण हैं?
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बरमूडा ट्रायंगल
- फोटो : Adobe Stock
बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य
बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य को लेकर कई तरह की कहानियां और दावे किए जाते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र में कोई अलौकिक शक्ति है, जो जहाजों और विमानों को गायब कर देती है। तो कुछ लोग इसे समुद्री तूफान, गैस विस्फोट और मानवीय त्रुटि जैसी प्राकृतिक और वैज्ञानिक घटनाओं से जोड़कर देखते हैं।
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बरमूडा ट्रायंगल
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वैज्ञानिक व्याख्याएं
अब भी कई जगहों पर आपको यह भी देखने को मिलेगा कि 'बरमूडा ट्रायंगल रहस्य बना हुआ है'। मगर ऐसा नहीं है, वैज्ञानिकों ने इसके बारे में कई तरह की व्याख्याएं की हैं। जिनमें से दो ऐसी मुख्य व्याखाएं हैं जिनके बारे में आपको भी जानना चाहिए। पहला तो यह कि बरमूडा ट्रायंगल के क्षेत्र में समुद्र के अंदर कुछ ज्वालामुखी हैं जो समय-समय पर विस्फोट करते रहते हैं। बता दें कि जब भी ज्वालामुखी का विस्फोट होता है तो उसमें से कई तरह की गैसें निकलती हैं, जिसमें से ज्यादातर मीथेन गैस निकलता है। चूंकि, मीथेन गैस की खासियत होती है कि जब वो पानी में मिलता है तो पानी का घनत्व कम होने लगता है और जहाज डूबने लगते हैं। तो वैज्ञानिकों के मुताबिक बरमूडा ट्रायंगल के क्षेत्र में भी जो जहाज गायब हुए हैं उनके साथ भी ऐसा ही हुआ होगा।
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क्यों हवाई जहाज गायब होते हैं?
अब बहुत लोगों के दिमाग में ये सवाल होगा कि ऐसा तो सिर्फ पानी के जहाजों के साथ हो सकता है आखिर वहां से गुजरने वाले हवाई जहाज क्यों गायब होते हैं? इसका जवाब आपको दूसरे व्याख्या में मिल सकता है। दूसरी व्याख्या यह है कि बरमूडा ट्रायंगल के क्षेत्र में समुद्र के आसपास कई पहाड़ हैं, जब हवाएं इस पहाड़ से टकराती हैं तो उनमें एक हलचल होता है, जिसके वजह से यहां पर बवंडर बनता है जहां बहुत तेज आंधियां चलने लगती हैं। कई बार इन हवाओं की रफ्तार इतनी तेज होती है कि ये मजबूत हवाई जहाजों को भी तोड़-मरोड़ सकते हैं। यही वजह है कि जब वहां से हवाई जहाजें निकलती हैं तो कई बार गायब हो गई हैं।
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क्यों अनियंत्रित होते हैं वहां से गुजरने वाले विमान?
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि पुराने समय में बहुत से हवाई जहाजों के कैप्टन ने यह शिकायत की है कि बरमूडा ट्रायंगल के क्षेत्र से गुजरते समय उनकी रफ्तार अचानक बढ़ गई है, इसका कारण भी दूसरे व्याख्या में निहित है कि जब बवंडर में हवाएं विमान के दिशा में चल रही होती हैं तो विमान की रफ्तार अपने आप बढ़ जाती है। इसलिए उस क्षेत्र में कई बार विमानों के असंतुलित होने की शिकायतें भी आई हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि आज कि आधुनिक दुनिया में आधुनिक उपकरणों की मदद से वैज्ञानिकों ने बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य को उजागर कर दिया है।