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42 साल बाद जिंदा होकर लौटी ये महिला, इसके आगे की कहानी चौंकाने वाली

Sat, 15 Sep 2018 12:17 PM IST
फीचर टीम, अमर उजाला
फीचर टीम, अमर उजाला Updated Sat, 15 Sep 2018 12:17 PM IST
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Woman returned alive After dead later Fourty two years later
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जी हां, यहां 42 साल बाद एक महिला मरकर जिंदा लौटी है। यकीन नहीं हो रहा न... खुद महिला के गांव वाले ही इस घटना से हैरान है। महिला अपनी पहचान बताने के लिए डीएनए टेस्ट तक कराने को तैयार है। मामला ने ऐसी तूल पकड़ी की जिले भर के लोग इसी बारे में चर्चा कर रहे हैं। 
Woman returned alive After dead later Fourty two years later
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प्रशासन में मच गया हड़कंप 
महिला के अचानक यूं सामने आने से प्रशासन की परेशानी सबसे ज्यादा बड़ गई है। जी हां, दरअसल, हुआ यूंं कि आजमगढ़, कप्तानगंज थाना के भवनपुर निवासी महिला को अभिलेखों में मृत दिखा दिया गया। यह सब  जांच अधिकारी बीडीओ के निर्देश पर किया गया। ग्राम विकास अधिकारी ने बिना गांव में गए और जांच किए महिला की मृत रिपोर्ट लगा दी जिससे कि महिला को मरा हुआ दिखा दिया गया। सरकारी कागजात में महिला की मौत 42 साल पहले दिखा दी गई। जब इस बात की जानकारी महिला को हुई तो उसने गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाकर डीएनए टेस्ट कराने की चेतावनी दे दी। इसके बाद... 

 
Woman returned alive After dead later Fourty two years later
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भवनपुर निवासी बंशराजी पत्नी स्व. बोधन यादव ने सात अगस्त को संपूर्ण समाधान दिवस पर सगड़ी तहसील में प्रार्थना पत्र दिया। उसने लिखित तौर पर आरोप लगाया कि उसे फर्जीवाड़ा कर अभिलेखों में मृतक दिखा दिया गया जबकि वह जिंदा है। महिला ने बताया कि उसे 1976 में मृतक दिखाया गया है, जबकि उसके पास मौजूद 1988 और 81 की परिवार रजिस्टर की कॉपी में वो जिंदा है। सिर्फ इतना ही नहीं महिला के पास अपना आधार कार्ड भी है।

इस तरह पकड़ में आया फर्जीवाड़ा
शिकायत संख्या 30096518001917 की जांच के लिए प्रभारी अधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस ने बीडीओ बिलरियागंज को अधिकृत किया। बीडीओ ने इसकी जांच ग्राम विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह से कराई। सत्यप्रकाश सिंह ने बिना पीड़िता से मिले और ग्राम प्रधान का बयान लिए, रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी कि बंशराजी पत्नी स्व. बोधन की मौत दिनांक आठ जुलाई 1976 को हो चुकी है।
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प्रकरण कर दिया निस्तारित 
प्रकरण को निस्तारित कर दिया गया है। पीड़िता बंशराजी ने बताया कि जांच अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह न गांव आए और न ही कोई जांच की। मैं जिन्दा हूं और अपने भतीजे रामकोमल के पास रहती हूं। मेरे पास तीन जीवित शादीशुदा पुत्रियां हैं। यदि कोई शक है तो मेरा डीएनए टेस्ट करा लिया जाए। जांच अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने मृत्यु प्रमाण-पत्र और शवदाह प्रमाण-पत्र की बात की है। न तो मुझे कोई प्रमाण पत्र दिया जा रहा है और न ही विपक्षी का नाम पता बताया जा रहा है।
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Woman returned alive After dead later Fourty two years later
dead body - फोटो : amar ujala
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि सत्य प्रकाश सिंह ने नाजायज लाभ लेकर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसे मृतक घोषित करने के लिए गलत सूचना परिवार रजिस्टर में भर दी। इसी के चलते रिपोर्ट गलत हो गई। सच्चाई तो ये है कि गांव के कुछ लोग बेईमानी से महिला की सम्पत्ति हड़पना चाहते हैं। बंशराजी नामक इस महिला की उम्र 92 वर्ष हो चुकी है। वहीं गांव में केवल कुछ आबादी की जमीन बची है। महिला ने इसे अपने भतीजे रामकोमल को वसीयत किया है। लेकिन जब तर महिला जीवित है तब तक जमीनपर मालिकाना हक महिला का रहेगा।
 
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