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ये है दुनिया का सबसे खतरनाक लाई डिटेक्टर टेस्ट, धधकता लोहा मुंह में डालकर उगलवाते हैं सच
फीचर टीम, अमर उजाला
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:37 AM IST
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Licking hot metal spoons
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'लाई डिटेक्टर टेस्ट' एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत अपराधियों से सच उगलवाने के लिए मशीन का सहारा लिया जाता है। ये मशीने आधुनिक युग की देन है, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लाई डिटेक्टर टेस्ट का इस्तेमाल इंसान सैंकड़ों सालों से करता आ रहा है। झूठ बात लग रही है न..? लेकिन ये हकीकत है। जी हां, मशीनों के अभाव में सैंकड़ों साल पहले से मिस्र में लाई डिटेक्टर टेस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
Licking hot metal spoons
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मिस्त्र का 'अयिदाह कबीला' सदियों से इस लाई डिटेक्टर टेस्ट का इस्तेमाल करता आ रहा है। लेकिन जब आप झूठ पकड़ने वाले इनके तरीके के बारे में जान लेंगे तो खौफ से आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। जी हां, यह तरीका बेहद डरावना है। खास बात ये है कि ये समुदाय आज भी लाई डिटेक्टर की इस पुरानी तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है।
lie detector
कहते हैं कि झूठ पकड़ने के लिए यहां जो तरीका अपनाया जाता है उसके तहत अयिदाह कबीले के लोग एक धातु को पहले गरम करते हैं। इसके बाद में उस धातु को आरोपी की जीभ पर लगाया जाता है। माना जाता है कि जिस आरोपी की जीभ पर इस प्रक्रिया के बाद फफोले पड़ जाते हैं, उसे दोषी मान लिया जाता है। यह बेहद दर्दनाक होता है। इसे एक परम्परा का नाम दिया गया है जिसे 'बिशाह' कहा जाता है। मिस्र के कबीलों में पुराने समय में लाई डिटेक्टर टेस्ट करने के लिए इसे इस्तेमाल किया जाता है।
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Iron rod
हालांकि आज अधिकतर कबीलों में यह परंपरा बंद हो चुकी है, लेकिन एक कबीला अब भी इसका इस्तेमाल कर रहा है। जी हां, अयिदाह कबीला इस परंपरा का इस्तेमाल कर रहा है। अल अरबिया डॉट नेट की खबर के अनुसार, इस परंपरा के तहत अयिदाह कबीले के लोग एक लोहे की छड़ को पहले गरम करते हैं और उसके बाद उस छड़ को आरोपी की जीभ पर लगाते हैं। इसके बाद दोषी का दोष सिद्ध होता है। इसके लिए इनका लॉजिक भी गजब का है। आप इसके बारे में सोच भी नहीं सकते।
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lie detector
जी हां, इस प्रक्रिया के तहत जिस व्यक्ति की जीभ पर फफोले नहीं पड़ते वह निर्दोष साबित होता है। इस परंपरा को मानने वाले लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने अपराध किया होता है, वो नर्वस होता है, जिससे उसकी जीभ सूख जाती है और जब गरम धातु की छड़ उसकी जीभ से छूती है तो उस पर फफोले पड़ जाते हैं। वहीं जो व्यक्ति निर्दोष होता है, उसकी जीभ पर सलाइवा होता है और जब छड़ उससे छूती है तो कुछ नहीं होता।
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