पेरू में तकरीबन 550 साल पहले इतिहास का एक सबसे बड़ा काला दिन दर्ज होने के सबूत मिले हैं। यकीनन इसके बारे में जानकर किसी की भी रूह कांप जाएगी।जी हां, इस घटना के बारे में जानकर आप महसूस कर पाएंगे कि यह कितना खौफनाक दिन रहा होगा। खासकर उनके लिए जो भुक्तभोगी रहे होंगे। वो सभी जान से गए थे उस दिन। सभी को मौत के घाट उतारा गया था। बता दें मरने वालों में सभी छोटे-छोटे मासूम बच्चे थे। इनमें से एक तो महज 5 साल का बच्चा था।
दरअसल, यह घटना पेरू में दी गई बच्चों की सबसे बड़ी बलि के राज से पर्दा हटाती है। यहां एक आर्कियोलॉजिकल टीम ने चौंकाने वाली खोजी की है। पेरू के उत्तरी तट पर खुदाई के दौरान रिसर्च टीम को करीब 140 बच्चे और 200 लामा (एक तरह का जानवर) के अवशेष मिले हैं। इन सभी अवशेषों में सीने की ओर बड़े छेद पाए गए।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इनकी पसलियां तोड़कर इनके दिल बाहर निकाल लिए गए थे, देखकर प्रतीत होता है कि ये किसी तरह की धार्मिक बलि रही होगी । टीम ने इसे मानव इतिहास में बच्चों की सबसे बड़ी बलि बताया है। इससे पहले यहां 2011 में कंकाल पाए गए थे।
यहां 2011 में आसपास रहने वाले लोगों को इंसानों और जानवरों के कई कंकाल एक साथ मिले थे, जिसके बाद एक्सपर्ट्स ने यहां खुदाई करने का फैसला किया। अगले कुछ सालों में यहां से निकलने वाले कंकालों की तादाद बढ़ती चली गई। अवशेषों पर स्टडी के बाद एक्सपर्ट्स को यह यकीन हो चला था कि इन बच्चों की एक साथ बलि दी गई थी।
हैरान कर देने वाली बात यह है कि सभी अवशेषों के सीने काटकर दिल निकाले गए थे। जब कंकालों की रेडियोकार्बन डेटिंग की गई तो और भी चौंकाने वाली बात सामने आई।पता चला कि यहां 550 साल पहले ये सभी बलि दी गई थी। इनमें लड़के और लड़कियों दोनों के कंकाल थे, जिनकी उम्र 8 से 12 साल के बीच रही होगी।