दिमागी रूप से लोगों के साथ दुनिया कैसा सुलूक करती है, बताने की जरूरत नहीं। देखिए पागलखाने के अंदर दिमागी रूप से विक्षिप्त कैसे रहते हैं।
पासूंग एक इंडोनेशियाई शब्द है। इसका मतलब होता है वो लोग जो विक्षिप्त हों या जिनको नीची निगाहों से देखा जाता है। लेकिन इस शब्द को 1977 में बैन कर दिया गया।
न्यूयॉर्क के एक फोटोग्राफर एंड्रीआ स्टार रीज ने इंडोनेशिया में मेंटल हेल्थ से जुड़ी सुविधाओं पर एक प्रोजेक्ट बना रही थीं।
उन्होंने अपनी इस डॉक्यूमेंट्री का नाम दिया डिस्ऑर्डर। उन्होंने बताया कि पागलखानों के भीतर के हालात देखने लायक नहीं होते।
ऐसा नहीं है कि पागलखानों को रन करने वाले लोग इसे ठीक रखने की कोशिश नहीं करते। पर, फिर भी किसी आम आदमी के लिए इस माहौल को देखना काफी अलग अहसास होता है।