हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जो अपनी जान खतरे में डालकर पति को नई जिंदगी देने जा रही है, पढ़िए।
मामला हरियाणा के रोहतक का है। भाई की मौत के बाद परिवार को संभाल रहे चिन्यौट कॉलोनी निवासी व्यक्ति की दोनों किडनियां जवाब दे गईं। पीजीआई में पीड़ित का उपचार चल रहा है। अब पीड़ित के परिवार के समक्ष पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। पत्नी का ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने के कारण वह पति को अपनी एक किडनी नहीं दे पा रही है। महिला अपने पति की जान बचाने के लिए अपनी किडनी बेचने को भी तैयार है।
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- फोटो : डेमो पिक
सामाजिक संगठनों और प्रशासन से पीड़ित को मदद की दरकार है, लेकिन कोई भी आगे नहीं आ रहा है। न्यू चिन्यौट कॉलोनी निवासी मान सिंह पुत्र रामसकल मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। मान सिंह ने बताया कि भाई जीत सिंह की दोनों किडनियां खराब थीं, जिसके कारण 10 फरवरी 2012 को उसकी मौत हो गई थी। इस पर भाई के परिवार को भी पालने का जिम्मा मुझ पर आ गया।
मान सिंह पत्नी सोमती, आठ वर्षीय बेटे कुनाल, डेढ़ साल की हर्षिता के अलावा भाई की 15 वर्षीय बेटी अंजलि, 11 वर्षीय पुत्र चेतन का मजदूरी कर पालन-पोषण कर रहा था। बताया कि दो साल पूर्व ही उसे पता लगा कि उसकी भी दोनों किडनियां खराब हैं। पीजीआई में उसका उपचार चल रहा है। किडनी प्रत्यारोपण करने को दो लाख से अधिक का खर्च बताया गया। मगर उसको देने वाला नहीं मिल पा रहा है।
पत्नी सोमती पति की जान बचाने के लिए अपनी किडनी देने को तैयार हुई, लेकिन दोनों का ब्लड ग्र्रुप मैच नहीं होने के कारण चिकित्सकों ने किडनी प्रत्यारोपित करने से इनकार कर दिया। सोमती का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव, जबकि मानसिंह का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव है। मान सिंह को किडनी नहीं मिल पा रही है। दोनों किडनियां खराब होने के बाद से मान सिंह मजदूरी भी नहीं कर पा रहा है। इसके कारण परिवार के पालन-पोषण के भी लाले पड़े हुए हैं।