काला हिरण शिकार मामले में 20 बरस का लंबा इंतजार और उसके बाद बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के खिलाफ आया फैसला राजस्थान के एक समाज के लिए बड़ी खुशी की वजह बन गया है। जी हां, गुरुवार को जहां एक तरफ इस फैसले से उनके हजारों-लाखों फैंस दुख व्यक्त कर रहे थे तो वहीं यह समाज खुशियां मना रहा था, नाच-गा रहा था, पटाखे जला रहा था। वाकयी जैसे उनके लिए यह घड़ी किसी जलसे या जश्न की हो।
'विश्नोई समाज' के नाम से जाना जाने वाला यह समाज इसी वजह से खासा चर्चा में आ गया है। सिर्फ इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी सामने आई है जिसमें एक महिला हिरण के बच्चे को स्तनपान कराती नजर आ रही है। इस तस्वीर में दिखाई दे रही महिला को इसी विश्नोई समाज का बताया जा रहा है।
तो वहीं दूसरी तस्वीर में एक महिला अपने बच्चे की तरह एक हिरण के बच्चे को गोद में लिए हुए उसे खिलाते हुए नजर आ रही है। इसे भी विश्नोई समाज की महिला बताया जा रहा है। बता दें कि सलमान को जेल भिजवाने के पीछे विश्नोई समाज के लोगों का लंबा संघर्ष रहा है और इसी समाज के लोग 20 साल पुरानी इस घटना के चश्मदीद गवाह भी थे।
विश्नोई समाज जोधपुर के पास पश्चिमी थार रेगिस्तान से आता है और इसे प्रकृति के प्रति प्रेम के लिए जाना जाता है। विश्नोई समाज में जानवर को भगवान तुल्य माना जाता है और इसके लिए वह अपनी जान देने तक को तैयार रहते हैं। यह समाज प्रकृति के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले लोगों को शहीद का दर्जा भी देता है। बता दें कि इस समाज के कई ऐसे लोग भी हुए हैं, जिन्होंने जानवरों के लिए अपनी जान भी गंवाई है।
दरअसल, विश्नोई शब्द बीस (20) और नोई (9) से मिलकर बना है और यह समाज 29 नियमों का पालन करता है। इन नियमों में एक नियम शाकाहारी रहना और हरे पेड़ नहीं काटना भी शामिल है। साथ ही ये लोग जम्भोजी को पूजते हैं। राजस्थान के कुछ गांवों में आज भी महिलाएं हिरण को दूध पिलाती हैं। मान्यता है कि विश्नोई समाज के लोग लगभग 550 साल से प्रकृति की पूजा करते आ रहे हैं।