फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पाकिस्तान का वो मुर्गा, जो आठ महीने बाद पुलिस हिरासत से हुआ रिहा

Sun, 02 Aug 2020 08:02 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Sun, 02 Aug 2020 08:02 PM IST
विज्ञापन
surprising case Pakistan police released cock after eight months
पुलिस हिरासत में मुर्गा - फोटो : BBC

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के जिला घोटमी में एक स्थानीय अदालत ने पुलिस की हिरासत में रह रहे एक मुर्गे को रिहा कर उसके मालिक के हवाले करने का आदेश दिया है। सिंध के दो थानों में पांच मुर्गे पुलिस के मेहमान बने रहे, जिनमें से एक को अब रिहाई मिल गई है। पुलिस ने उन्हें मुर्गों की लड़ाई के खेल पर छापेमारी के दौरान खेल में शामिल लोगों के साथ हिरासत में लिया था।

surprising case Pakistan police released cock after eight months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

पिछले दिनों घोटकी के स्थानीय निवासी जफर मीरानी ने सिविल जज की अदालत में अपील की थी कि पुलिस की हिरासत में रह रहे मुर्गे को रिहा कर उन्हें सौंप दिया जाए। अपीलकर्ता की दलील थी कि किसी निजी काम से वो कराची में रह रहे थे, इसलिए मुर्गे के मालिक होने का दावा नहीं कर सके थे। अदालत ने जफर मीरानी की अपील स्वीकार कर ली और पुलिस को आदेश दिया कि वो मुर्गे को उनके हवाले कर दें। पुलिस ने अदालत के आदेश का पालन किया।

surprising case Pakistan police released cock after eight months
पुलिस हिरासत में मुर्गा - फोटो : BBC

मेहमान मुर्गे पुलिस की जेब पर भारी
थाना प्रभारी मुमताज सिरकी का कहना है कि अभियुक्त तो जमानत पर रिहा हो गए थे, लेकिन ये मुर्गे केस प्रोपर्टी की हैसियत से पुलिस के पास रह गए थे और जब तक अदालत इन पर कोई फैसला नहीं करती तब तक उन मुर्गों को सही-सलामत रखने की जिम्मेदारी थाने की थी। थाने में उन मुर्गों को लॉकअप या मालखाने में नहीं रखा गया था, बल्कि उन्हें खुली जगह में रखा गया था, लेकिन उनकी टांग में रस्सी बांध दी गई थी। लेकिन पुलिस की मुश्किल ये है कि ये मुर्गे रोजाना करीब सौ रुपए का बाजरा खा जाते हैं और पुलिस को ये पैसे अपनी जेब से देने पड़ते हैं।

थाने के एक अधिकारी को इन मुर्गों की देख-भाल की जिम्मेदारी दी गई है और अगर वो बीमार पड़ते हैं तो उन्हें लाइवस्टॉक विभाग के डॉक्टर को दिखाया जाता है। एक पुलिसकर्मी के अनुसार इन मुर्गों को बिल्ली और कुत्तों से भी बचाना उनकी अहम जिम्मेदारी का हिस्सा है। क्योंकि अगर उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो अदालत नाराजगी का इजहार कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
surprising case Pakistan police released cock after eight months
मुर्गों की लड़ाई - फोटो : सोशल मीडिया

पुलिस हिरासत में कैसे पहुंचे?
पुलिस ने कुछ महीने पहले इन मुर्गों को करीब दो दर्जन लोगों के साथ हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए सभी व्यक्ति तो जमानत पर रिहा हो गए लेकिन इन मुर्गों के मालिकाना हक की दावेदारी किसी ने नहीं की थी। चूंकि एफआईआर में इन मुर्गों का जिक्र था इसलिए ये मुर्गे केस प्रोपर्टी की शक्ल में दर्ज हो गए और थाने में ही रह गए। पुलिसकर्मियों के अनुसार मुर्गे जब बांग देते हैं तो उन लोगों को बहुत परेशानी होती है।

पाकिस्तान के ग्रामीण इलाकों में मुर्गों की लड़ाई एक पसंदीदा खेल है। इसमें मुर्गों की जीत पर शर्त लगाई जाती है। खेल में कई बार मुर्गों की मौत भी हो जाती है। मुर्गें की लड़ाई के शौकीन लोग बड़े जतन से मुर्गे पालते हैं, उनका नाम रखते हैं और उनके खाने-पीने का खास खयाल रखते हैं।

विज्ञापन
surprising case Pakistan police released cock after eight months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

कानूनन अपराध है
पाकिस्तान में इसे अपराध करार दिया गया है, जिसके लिए एक साल तक की सजा हो सकती है और 500 रुएप का जुर्माना भी लग सकता है। पुलिस के अनुसार अगर कोई मवेशी पकड़ा गया है तब तो उसे सरकारी कैटल फार्म में भेज दिया जाता है लेकिन परिंदों और मुर्गों के लिए कोई आधिकारिक आदेश नहीं है कि उनका क्या करना है। वकील लाला हसन पठान के अनुसार इस मामले में कानून खामोश है कि अगर परिंदे पकड़े गए तो उनका क्या करना है?

पठान के मुताबिक आम तौर पर पुलिस परिंदों का कभी केस डायरी में जिक्र नहीं करती है, या तो उन्हें उनके मालिक के हवाले कर देती है या फिर खुद उनका इस्तेमाल कर लेती है। ऐसे कम ही मामले हैं जिनमें उन मुर्गों को केस का हिस्सा बनाया गया है। इस मामले में यही परेशानी हुई कि न तो किसी ने उन मुर्गों पर अपनी दावेदारी पेश की और ना ही पुलिस ने उनका इस्तमाल किया। पुलिस ने बाजाब्ता उनको केस का हिस्सा बनाया और इसी कारण ये पेचीदगी पैदा हुई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed