El Nino: अल नीनो को लेकर वैज्ञानिकों ने एक बार फिर चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि 2026 में दुनिया में एक और तेज गर्मी पड़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा अल नीनो और ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है। यह 19वीं सदी के बाद अब तक का सबसे शक्तिशाली अल नीनो बन सकता है। इससे दुनिया के औसत तापमान में और वृद्धि हो सकती है या 2027 सबसे गर्म साल बन सकता है।
El Nino: धरती बन जाएगी आग की भट्टी! 100 साल बाद सबसे शक्तिशाली अल नीनो, 2026-27 में तापमान तोड़ेगा सभी रिकॉर्ड
El Nino: मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रशांत महासागर में बन रहा अल नीनो और अधिक ताकतवर हो सकता है। उन्होंने कहा कि 2026-2027 में गर्मी रिकाॅर्ड तोड़ सकती है।
कितना शक्तिशाली होगा अल नीनो?
अल नीनो के शक्तिशाली होने पर प्रशांत महासागर के पूर्वी इलाके में तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाता है। दो डिग्री की तापमान की वृद्धि भी काफी बड़ी मानी जाती है, लेकिन इस बार अनुमान है कि तापमान करीब 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। इससे पहले 1982-83, 1997-98 और 2015-16 में बहुत मजबूत अल-नीनो बना था। इस बार वैज्ञानिकों ने इन घटनाओं से भी ज्यादा बड़े अल नीनो का अनुमान लगाया है। ब्रिटेन के मेट ऑफिस के एक वैज्ञानिक का कहना है कि उनके पूर्वानुमानों में उन्होंने इससे पहले अल-नीनो का इतना मजबूत संकेत नहीं देखा।
अल नीनो से समुद्र और हवा के सामान्य पैटर्न में बदलाव आता है। इसका प्रभाव हर जगह एक जैसा नहीं होता। इससे कुछ इलाकों में अधिक बारिश और बाढ़ आ सकती है, तो वही कुछ जगहों पर कम बारिश और ज्यादा गर्मी हो सकती है। भारत के मानसून को भी अल नीनो प्रभावित करता है। शक्तिशाली अल-नीनो को अक्सर भारत में कमजोर मानसून से जोड़ते हैं। इसलिए इस बार वैज्ञानिक मानसून पर भी नजर रख रहे हैं।
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2026-2027 में कैसा होगा मौसम?
शक्तिशाली अल नीनो की वजह से 2026 सबसे ज्यादा गर्म साल हो सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा संभावना 2027 के सबसे गर्म साल बनने की है। कारण यह है कि अल-नीनो से समुद्र की गर्मी का असर धरती के तापमान पर कुछ समय बाद अधिक नजर आता है। 1998 और 2016 में भी अल नीनो के ताकतवर होने की वजह से तापमान ने रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन अब जलवायु परिवर्तन की वजह से धरती पहले ही ज्यादा गर्म हो चुकी है। ऐसे में इस बार अल नीनो तापमान को और बढ़ा सकता है।
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वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि 2027 में दुनिया का औसत तापमान कुछ समय के लिए औद्योगिक दौर से पहले के स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकता है। अगर वैज्ञानिकों का अनुमान सच साबित होता है, तो भविष्य में अल-नीनो का प्रभाव दुनिया के तापमान और मौसम दोनों पर साफ देखा जा सकता है।