क्या आपने कभी म्यूजिक से इलाज की बात सुनी है..? जी हां यह थोड़ी अजीब बात जरूर लगेगी लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा संभव है।
आपने लोरी सुनकर बच्चों के सोने या गर्भवती महिलाओं को हल्का संगीत सुनने की बातें सुनी होंगी। लेकिन अब संगीत के इस असर को देखते हुए समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को होने वाली बीमारियों के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
जी हां, जर्मनी के ज्यूरिख विश्वविद्यालय में तय समय से तीन माह पूर्व पैदा हुई एक बच्ची मथिल्डा पर इस संबंध में शोध चल रहा है। शोध में कई चौंकाने वाले रिजल्ट्स सामने आए हैं। इसमें पता लगाया गया है कि क्या संगीत सही विकास में मदद कर सकता है। इस प्रयोग के लिए मथिल्डा के कानों में शोधकर्ता फ्रीडरिके हास्लेबेक सप्ताह में तीन बार गुनगुनाती हैं।
वह एक और बच्चे के कानों में नियमित रूप से गुनगुनाती हैं। गुनगुनाने की इस प्रक्रिया के बाद एमआरटी स्कैन द्वारा यह जांचा जाता है कि समय पूर्व जन्मे बच्चे के मस्तिष्क का विकास किस प्रकार से हो रहा है।
शोध के शुरूआती नतीजे बताते हैं कि शिशुओं के मस्तिष्क विकास पर संगीत का बाकायदा असर होता है। न्यूरोसाइंटिस्ट लुत्स येंके ने बताया कि मेरी दिलचस्पी इस बात में है कि समय के साथ दिमागी गतिविधियां इतनी तेजी से कैसे विकसित होती हैं और किस सीमा तक संगीत को लेकर हमारा निजी अनुभव इन गतिविधियों में बदलाव ला देता है।