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चीन में स्कूलों ने लगाया 'होमवर्क कर्फ्यू', रात 10 बजे तक हर बच्चे का सोना अनिवार्य

Sun, 03 Nov 2019 01:12 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 03 Nov 2019 01:12 PM IST
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School children must be in bed by 10 pm under proposed new laws in China
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

बच्चा होना कोई मामूली बात नहीं है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में बच्चों के नाजुक कंधों पर अमूमन जरूरत से ज्यादा बोझ रख दिया जाता है। बच्चों पर हमेशा दबाव बनाया जाता है कि वे दूसरों से आगे रहें, हर परीक्षा में सर्वाधिक नंबर लाएं ताकि वे देश के सबसे अच्छे कॉलेज में प्रवेश पा सकें। इसके लिए बच्चों के माता-पिता हर संभव कोशिश करते हैं और बच्चों पर कई तरह के दवाब बनाते हैं, लेकिन चीन में एक प्रस्ताव पारित हुआ है, जिसके तहत हर माता-पिता को अपने बच्चों को 10 बजे से पहले सुलाना है, फिर चाहे उनका होमवर्क पूरा हुआ हो या नहीं।

School children must be in bed by 10 pm under proposed new laws in China
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चीन के झेजियांग प्रांत में ये निर्देश चर्चा का विषय बना हुआ है। कारण है, स्कूली बच्चों के लिए जारी नए दिशा-निर्देश, जिनके मुताबिक बच्चों के लिए होमवर्क से ज्यादा सोना जरूरी है। नए नियमों के अनुसार, इस प्रांत के हर बच्चे को 10 बजे से पहले सोना अनिवार्य है। इसके अलावा अभिभावकों को सप्ताहांत में अपने बच्चों के लिए ट्यूटर रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।  

School children must be in bed by 10 pm under proposed new laws in China
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए बिस्तर पर जाने का समय रात नौ बजे तय किया गया है। इसमें खास बात यह है कि बच्चे चाहें अपना होमवर्क पूरा करें या नहीं, अगर घड़ी में नौ बज गए तो उन्हें सोने चले जाना चाहिए। बच्चों के माता-पिता में इस फैसले क लेकर खासा गुस्सा देखने को मिल रहा है और वे इसकी आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस निर्देश से बच्चे प्रतिपर्धा में पिछड़ जाएंगे। अभिभावकों ने इस फैसले को 'होमवर्क कर्फ्यू' करार दिया है।

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School children must be in bed by 10 pm under proposed new laws in China
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels.com

पूर्वी झेजियांग प्रांत के शिक्षा विभाग ने छात्रों व अभिभावकों के लिए 33 दिशा-निर्देश प्रकाशित किए हैं। इनमें यह सुझाव दिया गया है कि छात्रों को अपने अभिभावकों की अनुमति से एक सही समय पर सो जाना चाहिए। छात्र ऐसा उस स्थिति में भी कर सकते हैं जबकि उन्होंने स्कूल से मिले काम को पूरा न भी किया हो। इसके अलावा अभिभावकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दूसरों से प्रतिस्पर्धा न करें। शिक्षा विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि छुट्टियों व वीकेंड पर बच्चों से अधिक पढ़ाई न कराई जाए।

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School children must be in bed by 10 pm under proposed new laws in China
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चीन में स्कूली पढ़ाई के अलावा माता-पिता द्वारा अतिरिक्त गतिविधियों में भी बच्चों को हिस्सेदार बनाया जाता है। पैरेंट्स बच्चों पर पढ़ाई का दबाव इसलिए बनाते हैं, क्योंकि चीन की यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए गाओकाओ परीक्षा देनी पड़ती है। यह सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। यूनिवर्सिटी में प्रवेश का एकमात्र यही रास्ता है। इसलिए माता-पिता स्कूल से ही बच्चों पर ज्यादा दबाव बनाते हैं। 

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