आमतौर पर मिडिल क्लास लोगों के लिए करोड़ों की सैलरी मिलना एक सपने की तरह ही होता है। लोग मानते हैं कि इतनी मोटी सैलरी पाने के लिए उनके पास खास तरह का क्वालिफिकेशन होना चाहिए। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी नौकरी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें न तो किसी डिग्री की जरूरत है और न ही किसी खास क्वालिफिकेशन की। हफ्ते में सिर्फ 4 दिन की काम करना होता है और इसके बदले लोगों को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सालाना पैकेज दिया जाता है। फिर भी ये नौकरी कोई नहीं करना चाहता।
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Air traffic controller
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दरअसल, न्यूजीलैंड में एयर ट्रैफिक कंट्रोल की नौकरी के लिए कंपनी करोड़ों का पैकेज दे रही है। काम है फ्लाइट्स के ट्रैफिक कंट्रोल का। जैसे कि कौन सी फ्लाइट कब जाएगी, कौन सी कब आएगी, कौन सी फ्लाइट किस रनवे पर उतरेगी। ये सारे काम एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को करने होते हैं। कंपनी इस काम के लिए कैंडिडेट से कोई भी क्वालिफिकेशन नहीं मांग रही है। कंपनी की बस इतनी शर्त है कि काम करने वाले शख्स की उम्र 20 साल से ज्यादा हो।
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कंपनी का कहना है कि हमारे यहां हमेशा काम करने वालों की कमी बनी रहती है और ऐसा इसलिए है, क्योंकि लोगों को लगता है कि वो इस नौकरी के लिए बने ही नहीं हैं। एक और बात है, जिस वजह से लोग इस नौकरी को नहीं करना चाहते हैं और वो ये है कि ये काम बहुत ही खतरनाक और रिस्की है। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की थोड़ी सी भी गड़बड़ी कई लोगों की जान भी ले सकती है।
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न्यूजीलैंड के एयर-वे ट्रैफिक मैनेजर टिम बोयले ने इस नौकरी के बारे में बताते हुए कहा कि हम पहले देखते हैं कि नौकरी के लिए अप्लाई करने वाला उम्मीदवार 20 साल से ऊपर का हो। उन्होंने बताया कि इस नौकरी के लिए उम्मीदवार से किसी तरह की डिग्री नहीं मांगी जाती है। बस उसका फिटनेस देखने के बाद कंपनी की ओर से एक ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके आधार पर किसी को भी ये नौकरी मिलती है।
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टिम बोयले ने बताया कि करीब 12 महीने की पेड ट्रेनिंग होती है। इस दौरान उम्मीदवार को कुछ लॉजीकल सीक्वेंस दिखाए जाते हैं। ये एक पहेली की तरह होते हैं, जिसमें पूछा जाता है कि किस सीक्वेंस से सीरीज पूरी होगी। इसी के आधार पर उम्मीदवार का चयन किया जाता है। उन्होंने बताया कि ये लॉजीकल सीक्वेंस इतने आसान नहीं होते हैं कि हर कोई उसका जवाब दे सके। करीब 300 उम्मीदवारों में से औसतन 1 उम्मीदवार ही पहेलियों को सुलझा पाता है, जिसके बाद उसे नौकरी मिलती है।