दुनिया रहस्यों से भरी पड़ी है, जिन्हें आज भी वैज्ञानिक सुलझाने में लगे हुए हैं। वैज्ञानिकों ने कई रहस्यों से पर्दा उठा दिया है, तो वहीं अभी भी कई रहस्यों के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने इन रहस्यों को सुलझाने की कई कोशिश की, लेकिन उन्हें अभी कामयाबी नहीं मिली है। आईए हम आपको एक ऐसे ही रहस्य के बारे में बताते हैं...
आज का रहस्य: भारत की इस रहस्यमयी सुरंग में गायब हो गई बारात, जिसका आज तक नहीं खुला राज
मुगलकाल में बनाई गई इस बावड़ी को रहस्यों और किस्से-कहानियों के लिए जाना जाता है। बताया जाता है कि इस रहस्यमयी बावड़ी में अरबों रुपयों का खजाना छिपा है। यह भी दावा किया जाता है कि यहां सुरंगों का जाल है जो दिल्ली, हांसी, हिसार और पाकिस्तान तक जाता है।
इस बावड़ी में एक कुआं स्थित है। इस कुएं तक पहुंचने के लिए 101 सीढ़ियां थी, लेकिन इस कुएं में अब सिर्फ 32 ही बची हैं। 1995 में भयानक बाढ़ आई थी जिसने बावड़ी के एक बड़े हिस्से को तबाह कर दिया था। फिलहाल यह बावड़ी पर पुरातत्व विभाग का कब्जा है। अब बावड़ी के चारों तरफ रेलिंग लगा दी गई है और साफ सफाई भी की जाती है। कुछ दीवारों और सीढ़ियों को फिर से बनाया गया है।
ज्ञानी चोर की गुफा के नाम से प्रसिद्ध यह बावड़ी जमीन में कई फीट नीचे तक बनी है। लोग बताते हैं कि अंग्रेजों के शासन के समय एक बारात इस सुरंग के रास्ते दिल्ली जा रही थी, लेकिन बारात में शामिल सभी लोग गायब हो गए। बारात के कई दिन बीत जाने के बाद भी सुरंग में गए बाराती न तो दिल्ली पहुंचे और न ही वापस आए। तब से यह सुरंग चर्चा का विषय बन गई है। किसी अनहोनी होने की घटना की वजह से अंग्रेजों ने इस सुरंग को बंद कर दिया। यह सुरंग अभी भी बंद है।
रोहतक जिले में स्थित महम और आसपास के लोग बताते हैं कि उस समय एक प्रसिद्व चोर था जिसका नाम ज्ञानी था और वह चोरी करने के बाद इस गुफा में छिप जाता था ताकि पुलिस उसे न पकड़ पाए। वह एक शातिर चोर था, जो अमीरों को लूटता था और इस बावड़ी में छिप जाता था।